दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 5 अगस्त 2026. पंजाब सरकार ने पवित्र नगरी अमृतसर की सीवरेज व्यवस्था को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 60 एमएलडी क्षमता वाले नए सीवेज शोधन संयंत्र तथा उससे जुड़े पंपिंग स्टेशन की स्थापना को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना अमृत योजना 2.0 के अंतर्गत स्थापित की जाएगी, जिससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
सरकारी जानकारी के अनुसार इस परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अगस्त 2026 में इसके पूरा होने के बाद निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ कर दिया जाएगा।
परियोजना पूरी होने के बाद अमृतसर में सीवेज शोधन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे पुराने संयंत्रों पर पड़ रहा अतिरिक्त दबाव कम होगा, बिना शोधन वाले गंदे पानी के निकास पर प्रभावी रोक लगेगी तथा शहर की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।
इस संयंत्र की एक विशेषता यह भी होगी कि इसमें अपशिष्ट से जैव-संपीड़ित प्राकृतिक गैस का उत्पादन किया जाएगा। इससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ अपशिष्ट प्रबंधन को भी नई दिशा मिलेगी।
यह परियोजना पंजाब सरकार द्वारा अमृत योजना 2.0 के तहत राज्य के विभिन्न शहरों में बुनियादी शहरी सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के अभियान का हिस्सा है। सरकार के अनुसार इस योजना के अंतर्गत अब तक 64 से अधिक परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं, जबकि 50 से 60 अन्य परियोजनाओं को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि अमृतसर पंजाब की आस्था और विरासत का प्रतीक है। राज्य सरकार शहर की सीवरेज, कचरा प्रबंधन तथा अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी सभी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसी आधारभूत सुविधाएं विकसित करना है, जो लंबे समय तक लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकें।