दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 6 अगस्त 2026. पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के पहले चरण के सफल समापन के बाद अब मतदाता सूचियों से संबंधित दावों और आपत्तियों की प्रक्रिया 13 अगस्त से शुरू होगी। यह प्रक्रिया 12 सितंबर 2026 तक चलेगी, जबकि सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा 8 अक्टूबर तक पूरा कर 12 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
यह जानकारी पंजाब की मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने चुनाव अधिकारियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर दी। इस प्रशिक्षण में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों, सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को दावों और आपत्तियों की प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया।
मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बूथ स्तरीय अधिकारियों ने अत्यंत समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया, जिसके परिणामस्वरूप निर्धारित समय में राज्यभर में मतदाता आंकड़ों का शत-प्रतिशत डिजिटलीकरण पूरा किया जा सका। उन्होंने कहा कि इस पारदर्शी और व्यवस्थित प्रक्रिया के कारण संदिग्ध मामलों की संख्या भी बेहद सीमित रही है और बहुत कम लोगों को नोटिस जारी करने की आवश्यकता पड़ेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना तथा अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाना है। इसके लिए दावों और आपत्तियों की पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और नागरिकों के अनुकूल तरीके से संचालित की जाएगी।
अनिंदिता मित्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नोटिस अवधि के दौरान आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उन्हें दावे या आपत्ति दर्ज कराने में पूरा सहयोग दिया जाए। उन्होंने कहा कि पहले चरण की तरह दूसरे चरण में भी पूरी गंभीरता और जवाबदेही के साथ कार्य करना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू होने से पहले विभिन्न राजनीतिक दलों और मीडिया की ओर से कई आशंकाएं जताई गई थीं, लेकिन चुनाव अमले की पारदर्शी कार्यप्रणाली और घर-घर सत्यापन अभियान के चलते कुछ ही दिनों में अधिकांश संदेह स्वतः दूर हो गए।
मुख्य चुनाव अधिकारी ने राज्य के सभी मतदाताओं से अपील की कि 13 अगस्त को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद वे अपने नाम और अन्य विवरणों का अवश्य मिलान करें। यदि किसी प्रकार की त्रुटि हो या कोई पात्र व्यक्ति सूची से छूट गया हो, तो 12 सितंबर 2026 तक दावा अथवा आपत्ति अवश्य दर्ज कराएं, क्योंकि इसके बाद प्राप्त होने वाले आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान चुनाव अधिकारियों को नोटिस जारी करने, दावों और आपत्तियों की जांच, सुनवाई तथा समयबद्ध निपटारे से संबंधित सभी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई।