दैनिक खबरनामा। मोहाली, 6 अगस्त: ट्राईसिटी में अब तक का सबसे बड़ा जमीन घोटाला सामने आया है। मोहाली के सेक्टर-65 में स्थित 42 एकड़ कमर्शियल जमीन को पार्टनरशिप फर्म बनाकर अपने नाम करवाने और फिर मूल मालिक को रकम न देने का आरोप लगा है। इस मामले में मोहाली पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया है।
पंचकूला सेक्टर-6 के रहने वाले शिव अग्रवाल ने सोहाना थाना में शिकायत दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पड़ोसी और मंडी गोबिंदगढ़ के कारोबारी आदर्श गर्ग, साथ ही सेक्टर-21 निवासी परवीन गर्ग और वेद प्रकाश गर्ग ने साजिश रचकर उनकी कंपनी पर कब्जा कर लिया। बाजार भाव के हिसाब से इस जमीन की कीमत 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी जा रही है।
शिकायतकर्ता शिव अग्रवाल के अनुसार उनकी फर्म “डी एस बिल्टेक” में पहले साल 2021 में वेद प्रकाश गर्ग और परवीन गर्ग को 50 फीसदी हिस्सेदारी दी गई। इसके बाद 2022 में मंडी गोबिंदगढ़ स्थित जोगिंदर ग्रुप के मालिक आदर्श गर्ग को भी कंपनी में बराबर का साझेदार बना लिया गया।
शिव अग्रवाल ने बताया कि 2019 में उन्होंने मोहाली सेक्टर-65 में 42 एकड़ जमीन खरीदी थी और उसे बेचने की योजना थी। भरोसा जीतने के बाद तीनों को फर्म में शामिल किया गया और कंपनी के सभी शेयर उनके नाम ट्रांसफर कर दिए गए। लेकिन एग्रीमेंट में तय रकम उन्हें आज तक नहीं मिली। आरोप है कि इसके बाद फर्म पर धोखे से नियंत्रण कर लिया गया।
पुलिस जांच में सामने आई साजिश
मोहाली एसएसपी के निर्देश पर हुई प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस को मामला गंभीर लगा। सोहाना थाना पुलिस ने वेद प्रकाश गर्ग, परवीन गर्ग और आदर्श गर्ग के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420, 465, 468, 471 और 120-बी के तहत केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल तीनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
चार साल से नहीं मिला एक रुपया
शिव अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने जमीन वापस पाने के लिए अदालत में भी याचिका दाखिल की है। उनका आरोप है कि पैसे मांगने पर उन्हें लगातार धमकाया गया। मजबूर होकर उन्हें पुलिस का सहारा लेना पड़ा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों और बैंक लेनदेन की जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई सबूतों के आधार पर होगी।