हथियारों से लेकर नशे और विदेशों में बैठे संचालकों तक, संगठित अपराध के पूरे तंत्र पर कार्रवाई; 990 अवैध हथियार और 774 किलो से अधिक हेरोइन बरामद
दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 08 अगस्त 2026. पंजाब में गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे पंजाब पुलिस के विशेष अभियान ‘गैंगस्टरों ते वार’ ने लगातार कार्रवाई के 200 दिन पूरे कर लिए हैं। इस दौरान पुलिस ने पूरे राज्य में 1,09,087 छापेमारी करते हुए 1,532 फरार अपराधियों को गिरफ्तार किया और 58,212 अपराधियों तथा उनके साथियों के खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस की इस व्यापक कार्रवाई में अवैध हथियारों, नशीले पदार्थों, नकदी और अपराध में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों की बड़ी बरामदगी हुई है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के दिशा-निर्देशों पर चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य केवल गैंगस्टरों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि संगठित अपराध को संचालित करने वाले पूरे तंत्र को खत्म करना है। पुलिस ने वित्तीय नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति, नशा तस्करी, डिजिटल संचार, रसद व्यवस्था और विदेशों में बैठे अपराधियों के संचालकों तक अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाया है।
गैंगस्टरों के लिए कहीं सुरक्षित ठिकाना नहीं : गौरव यादव
पंजाब पुलिस के महानिदेशक गौरव यादव ने कहा कि अभियान के 200 दिनों ने लगातार और गुप्त सूचना के आधार पर की जाने वाली पुलिस कार्रवाई की प्रभावशीलता को साबित किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस की रणनीति केवल गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराधी गिरोहों को मजबूती देने वाले पूरे नेटवर्क को तोड़ने पर केंद्रित है।
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं, वित्तीय संसाधनों, रसद व्यवस्था, संचार माध्यमों और विदेशों में मौजूद संपर्कों पर एक साथ कार्रवाई की जा रही है। पंजाब पुलिस यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि देश के भीतर या विदेशों में सक्रिय किसी भी गैंगस्टर के लिए सुरक्षित पनाहगाह न बचे।
58 हजार से अधिक अपराधियों पर कार्रवाई
अभियान के दौरान 58,212 व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें 853 गैंगस्टर और उनके साथी तथा 57,359 वांछित अपराधी शामिल हैं।
निवारक कार्रवाई के तहत 28,201 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 577 गैंगस्टर और उनके साथी तथा 27,624 वांछित अपराधी शामिल रहे। पूछताछ के बाद 18,514 लोगों को छोड़ दिया गया।
कुल मिलाकर अभियान के दौरान 1,04,927 लोगों को पुलिस कार्रवाई के दायरे में लाया गया, जिनमें 2,959 गैंगस्टर और उनके साथी तथा 1,01,968 वांछित अपराधी शामिल हैं।
हथियारों के नेटवर्क पर भी करारा प्रहार
संगठित अपराधियों की हिंसक गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिस ने हथियारों और विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति पर भी बड़ी कार्रवाई की। 200 दिनों में पुलिस ने:
- 990 अवैध हथियार
- 242 धारदार हथियार
- 2,739 कारतूस
- 315 मैगजीन
- 2.5 किलोग्राम विस्फोटक
- 15 हैंड ग्रेनेड
बरामद किए।
नशे और अपराध के गठजोड़ पर बड़ी चोट
संगठित अपराध और नशा तस्करी के बीच गठजोड़ को तोड़ने के लिए भी व्यापक कार्रवाई की गई। इस दौरान पुलिस ने 774.38 किलोग्राम हेरोइन, 480.23 किलोग्राम अफीम, 7,266.26 किलोग्राम भूक्की और 26,91,455 नशीली गोलियां बरामद कीं।
इसके अलावा 1.73 करोड़ रुपये से अधिक की नशे से जुड़ी रकम, 1.80 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और 413.85 ग्राम सोना भी जब्त किया गया।
विदेशों में बैठे संचालकों तक पहुंची पुलिस
एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स के अतिरिक्त महानिदेशक प्रमोद बान ने कहा कि आधुनिक संगठित अपराध केवल जमीन पर मौजूद अपराधियों तक सीमित नहीं है। इसके पीछे वित्तीय नेटवर्क, डिजिटल संचार और विदेशों में बैठे संचालक काम करते हैं।
उन्होंने कहा कि इसी कारण जांच में वित्तीय लेन-देन की निगरानी, डिजिटल खुफिया जानकारी और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय को शामिल किया गया है। इस रणनीति के माध्यम से जबरन वसूली करने वाले गिरोहों का पर्दाफाश करने, विदेशों में बैठे संचालकों की पहचान करने और वांछित अपराधियों को भारत वापस लाने में सफलता मिली है।
मध्य एशिया और इंडोनेशिया से अपराधी भारत लाए गए
अभियान की प्रमुख उपलब्धियों में फरार गैंगस्टर भुवनेश चोपड़ा उर्फ आशीष चोपड़ा को मध्य एशिया से तथा जोबनजीत सिंह उर्फ जोबन बिल्ला को जकार्ता से भारत वापस लाना शामिल है।
एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स ने पंजाब की संबंधित एजेंसियों और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर दोनों कार्रवाइयों को अंजाम दिया। इससे यह संदेश गया है कि पंजाब पुलिस की कार्रवाई राज्य और देश की सीमाओं तक सीमित नहीं है।
शराब, मोबाइल, वाहन और ड्रोन भी जब्त
अभियान के दौरान 64,402.77 लीटर अवैध शराब बरामद कर नष्ट की गई। पुलिस ने आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए जा रहे 4,978 मोबाइल फोन, 1,781 वाहन और 61 ड्रोन भी कब्जे में लिए।
पुलिस के अनुसार इन कार्रवाइयों से संगठित अपराधियों के हथियार, संचार, परिवहन और वित्तीय ढांचे को कमजोर करने में मदद मिली है।
गुप्त सूचना देने वालों की पहचान रहेगी सुरक्षित
एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स ने आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए 93946-93946 नंबर पर समर्पित गुप्त सूचना सेवा शुरू की है। इस नंबर पर लोग वांछित अपराधियों, गैंगस्टरों और उनसे जुड़ी आपराधिक गतिविधियों की जानकारी दे सकते हैं।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गुप्त रखी जाएगी। इसके साथ ही वांछित गैंगस्टरों और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में मददगार ठोस जानकारी देने वालों के लिए नकद इनाम की नीति भी लागू की गई है।
पंजाब पुलिस का कहना है कि ‘गैंगस्टरों ते वार’ अब केवल एक अभियान नहीं, बल्कि संगठित अपराध के खिलाफ लगातार चलने वाली बहुआयामी कार्रवाई का रूप ले चुका है, जिसका लक्ष्य गैंगस्टर संस्कृति और उसके पूरे आपराधिक तंत्र को जड़ से कमजोर करना है।