दैनिक खबरनामा ब्यूरो। सियोल, 12 अगस्त: उत्तर कोरिया ने बुधवार सुबह कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्वी तट से समुद्र की ओर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी। दक्षिण कोरिया और जापान के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। यह प्रक्षेपण ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच बड़े संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू होने में कुछ ही दिन बाकी हैं। उत्तर कोरिया इन सैन्य अभ्यासों का लंबे समय से विरोध करता रहा है।
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) के मुताबिक, मिसाइल को उत्तर कोरिया के पूर्वी तट स्थित वॉनसान क्षेत्र से स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 6 बजे लॉन्च किया गया। इसी क्षेत्र से उत्तर कोरिया ने 6 अगस्त को भी एक बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था।
सैन्य अभ्यास से पहले मिसाइल परीक्षण
अमेरिका और दक्षिण कोरिया का संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ (Ulchi Freedom Shield) 17 से 27 अगस्त तक आयोजित किया जाना है। इस अभ्यास का उद्देश्य उत्तर कोरिया की लगातार विकसित हो रही परमाणु और मिसाइल क्षमताओं से निपटने के लिए दोनों देशों की संयुक्त सैन्य तैयारियों को मजबूत करना है।
सियोल स्थित कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल यूनिफिकेशन के वरिष्ठ शोधकर्ता होंग मिन ने कहा कि मिसाइल परीक्षण उत्तर कोरिया के पहले से चल रहे हथियार विकास कार्यक्रम का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यास से ठीक पहले इसके समय को राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि किसी विकसित हो रहे हथियार का परीक्षण भी हो, लेकिन उसे कब किया जाए, इसका फैसला राजनीतिक स्तर पर लिया जाता है।
करीब 700 किलोमीटर तक गई मिसाइल
दक्षिण कोरियाई और जापानी रक्षा अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को दागी गई मिसाइल ने करीब 700 किलोमीटर की दूरी तय की। हालांकि, दक्षिण कोरिया की सेना ने फिलहाल इसे शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल के रूप में वर्गीकृत नहीं किया है। अधिकारियों ने कहा कि मिसाइल की सटीक क्षमता और विशेषताओं का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इसकी दूरी, प्रक्षेपवक्र और लॉन्च साइट को देखते हुए यह हाइपरसोनिक मिसाइल का कोई प्रकार हो सकती है। हालांकि, पनडुब्बी से दागी जाने वाली मिसाइल की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।
दक्षिण कोरियाई आकलन के अनुसार, यह 2026 में उत्तर कोरिया का 11वां संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण है। इस साल प्योंगयांग कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों, आर्टिलरी रॉकेट और अन्य सामरिक हथियारों के कई परीक्षण कर चुका है।
दक्षिण कोरिया और जापान ने की कड़ी निंदा
मिसाइल परीक्षण के बाद दक्षिण कोरिया और जापान ने उत्तर कोरिया की कड़ी निंदा की है। जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने कहा कि टोक्यो ने बीजिंग स्थित जापानी दूतावास के माध्यम से उत्तर कोरिया के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा कार्यालय ने भी आपात बैठक बुलाई और लगातार हो रहे बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षणों पर चिंता जताई। उसने उत्तर कोरिया से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन करने वाली उकसावे की कार्रवाई रोकने की अपील की।
दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा कि वह अमेरिका के साथ संयुक्त रक्षा व्यवस्था के तहत किसी भी उकसावे का “जबरदस्त जवाब” देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अमेरिका ने कहा- तत्काल खतरा नहीं
अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड ने कहा कि वह अपने सहयोगियों और साझेदारों के साथ लगातार संपर्क में है। शुरुआती आकलन के मुताबिक, मिसाइल परीक्षण से अमेरिका, उसके सैन्यकर्मियों या उसके सहयोगियों के लिए तत्काल कोई खतरा नहीं है।
उत्तर कोरिया की ओर से इस मिसाइल परीक्षण पर तत्काल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
यूक्रेन युद्ध में उत्तर कोरियाई मिसाइलों के इस्तेमाल का दावा
इस बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने मंगलवार को दावा किया कि रूस ने दक्षिण-पूर्वी शहर जापोरिज्जिया में एक स्टील प्लांट पर हमले के दौरान उत्तर कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया। इस हमले में सात कर्मचारियों की मौत होने की बात कही गई है।
उत्तर कोरिया और रूस के बीच सैन्य सहयोग को लेकर अमेरिका, दक्षिण कोरिया और अन्य पश्चिमी देश पहले भी चिंता जताते रहे हैं। ऐसे में नए मिसाइल परीक्षण से क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर तनाव और बढ़ने की आशंका है।