दैनिक खबरनामा | 12 अगस्त| नादिया: भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में मंगलवार को तनाव की स्थिति पैदा हो गई। मेहेरपुर में इच्छाखाली बॉर्डर के पास एक बांग्लादेशी किसान को बीएसएफ द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद कथित तौर पर गुस्साए ग्रामीण भारतीय क्षेत्र में दाखिल हो गए। आरोप है कि उन्होंने वहां काम कर रहे दो भारतीय किसानों को जबरन पकड़ लिया और उन्हें सीमा पार बांग्लादेश ले गए।
इस घटना के बाद दोनों देशों की सीमा सुरक्षा एजेंसियों के बीच तत्काल बातचीत शुरू हुई और इलाके में तनाव बढ़ गया।
बीएसएफ की हिरासत के बाद बढ़ा विवाद
मामले की शुरुआत मंगलवार सुबह हुई। मेहेरपुर के इच्छाखाली बॉर्डर के नजदीक 70 वर्षीय बांग्लादेशी किसान अब्दुल मन्नान खेत में कीटनाशक का छिड़काव करने पहुंचा था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीमा नियमों के उल्लंघन के आरोप में बीएसएफ जवानों ने उसे हिरासत में ले लिया।
मन्नान के परिवार और गांव के लोगों को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने उसकी रिहाई की मांग शुरू कर दी। अब्दुल मन्नान के पोते इब्राहिम खलीलउल्लाह का दावा है कि परिवार की ओर से बीएसएफ से बुजुर्ग किसान को छोड़ने की अपील की गई, लेकिन बात नहीं बनी।
भारतीय इलाके में घुसकर दो किसानों को बनाया निशाना
मन्नान की रिहाई के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से कुछ बांग्लादेशी ग्रामीण कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में पहुंच गए। वहां उन्होंने खेतों में काम कर रहे दो भारतीय किसानों को पकड़ लिया।
अपहृत किसानों की पहचान सचिन कर्मकार और नारायण देब के रूप में हुई है। आरोप है कि ग्रामीण दोनों को जबरन अपने साथ बांग्लादेश ले गए और बाद में उन्हें बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के हवाले कर दिया।
घटना के बाद सीमा क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई और दोनों देशों के अधिकारियों को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा।
फ्लैग मीटिंग में बनी सहमति, दोनों किसान लौटे
मामले को आगे बढ़ने से रोकने के लिए मंगलवार दोपहर इच्छाखाली सीमा की जीरो लाइन पर बीएसएफ और बीजीबी अधिकारियों के बीच आपातकालीन फ्लैग मीटिंग आयोजित की गई।
बैठक में दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद नागरिकों की अदला-बदली पर सहमति बनी। इसके तहत बीजीबी ने सचिन कर्मकार और नारायण देब को सुरक्षित बीएसएफ को सौंप दिया। इसके बदले बीएसएफ ने हिरासत में लिए गए 70 वर्षीय बांग्लादेशी किसान अब्दुल मन्नान को रिहा कर दिया।
एक सप्ताह में दूसरी ऐसी घटना
सीमा पर इस तरह की यह घटना एक सप्ताह के भीतर दूसरी बताई जा रही है। इससे पहले शनिवार को जलपाईगुड़ी जिले में भी ऐसी ही वारदात सामने आई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, एक बांग्लादेशी घुसपैठिए को पकड़े जाने के विरोध में करीब 20 बांग्लादेशी भारतीय सीमा में दाखिल हुए थे। आरोप है कि उन्होंने 35 वर्षीय चाय किसान दीपंकर गोप को अगवा कर लिया था।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और सीमा पार से होने वाली घुसपैठ को लेकर चिंता बढ़ा दी है।