दैनिक खबरनामा। चेन्नई, 19 अगस्त: तमिलनाडु सरकार ने राज्य के जनप्रतिनिधियों के लिए एक बड़ा सुविधा पैकेज घोषित किया है। मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में बताया कि अब प्रदेश के सभी 234 विधायकों को सरकारी स्तर पर वाहन, खर्च के लिए मासिक सहायता और बढ़ा हुआ स्वास्थ्य बीमा मिलेगा।
सरकार के इस निर्णय के अनुसार हर विधायक को उनके क्षेत्र में जनता से जुड़े कार्यों के लिए एक सरकारी कार दी जाएगी। वाहन से जुड़े खर्चों के लिए राज्य खजाने से हर महीने 75 हजार रुपये का भत्ता तय किया गया है। इस राशि में ईंधन, ड्राइवर का वेतन और गाड़ी की देखरेख शामिल होगी।
इसके अलावा सरकारी कामकाज में मदद के लिए सेक्रेटरी रखने पर 25 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी। स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब तक विधायकों को मिलने वाला 5 लाख रुपये का बीमा कवर बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया गया है।
‘जनसेवा को आसान बनाने के लिए जरूरी कदम’
विधानसभा में इस फैसले का बचाव करते हुए सीएम विजय ने कहा कि विधायकों को रोज अपने-अपने इलाकों में जाकर लोगों की समस्याएं सुननी और सुलझानी पड़ती हैं। कई सदस्य सामान्य परिवारों से आते हैं और पहली बार विधानसभा पहुंचे हैं। उनके अनुसार पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के लिए यह सहायता देना जरूरी था।
यह प्रस्ताव VCK के विधायक जोथिमणि द्वारा लॉजिस्टिक्स और बुनियादी मदद की मांग उठाने के बाद सामने आया। स्कूल शिक्षा मंत्री राज मोहन और कांग्रेस के विधायक थरगई कथबर्ट ने भी सरकार के फैसले की सराहना की। दोनों नेताओं ने कहा कि इससे ड्राइवर और कार्यालय सहायक जैसे पदों पर नए रोजगार के अवसर बनेंगे।
DMK ने जताई आपत्ति
वहीं मुख्य विपक्षी दल DMK ने इस घोषणा पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के प्रवक्ता ए सर्वन ने इसे अनावश्यक खर्च करार दिया। उनका कहना है कि 234 विधायकों के लिए नई गाड़ियां खरीदने और इतना बड़ा मासिक भत्ता देने से राज्य के बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।
सरकार का कहना है कि यह पैकेज जनप्रतिनिधियों को बिना किसी बाधा के जनता की सेवा करने में मदद करेगा।