दैनिक खबरनामा | 22 अक्टूबर, मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को चौतरफा बिकवाली के चलते भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स की साप्ताहिक एक्सपायरी के दिन कारोबार की शुरुआत से ही बाजार पर दबाव बना रहा और अंत तक प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। घरेलू बाजार में गिरावट का यह लगातार तीसरा कारोबारी सत्र था। पश्चिमी एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, जिसके परिणामस्वरूप लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में जमकर बिकवाली हुई। इस गिरावट से एक ही दिन में निवेशकों की संपत्ति में 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई।
सऊदी अरामको पर ड्रोन हमले से बढ़ी चिंता, सेंसेक्स में 704 अंक तक की गिरावट
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, सऊदी अरब की प्रमुख तेल कंपनी अरामको के ठिकानों पर ड्रोन हमले की खबर ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। इस घटना के बाद खाड़ी क्षेत्र और पश्चिमी एशिया में युद्ध की आशंका बढ़ने से निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों से दूरी बनानी शुरू कर दी।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स 704.58 अंक गिरकर 73,005.11 के निचले स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी में 256.50 अंक की गिरावट आई और यह फिसलकर 22,554.85 के स्तर तक आ गया। हालांकि, कारोबार के अंतिम घंटों में निचले स्तरों से कुछ सुधार हुआ, लेकिन इससे बाजार की गिरावट की भरपाई नहीं हो सकी।
कारोबार समाप्त होने पर सेंसेक्स 460.30 अंक यानी 0.62 प्रतिशत टूटकर 73,249.39 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 123.70 अंक यानी 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,687.65 के स्तर पर आ गया।
निवेशकों की संपत्ति में ₹4.02 लाख करोड़ की कमी
बाजार में गिरावट का असर खासतौर पर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक लगभग 1 प्रतिशत नीचे बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी दर्ज की गई।
बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, 21 अक्टूबर को सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 4,62,37,678.67 करोड़ रुपये था। 22 अक्टूबर को यह घटकर 4,58,35,517.82 करोड़ रुपये रह गया। इस प्रकार, महज एक कारोबारी दिन में कुल बाजार पूंजीकरण में 4,02,160.85 करोड़ रुपये की गिरावट आई। बाजार में आई इस कमजोरी ने निवेशकों की संपत्ति को बड़ा झटका दिया।
आईटी, एफएमसीजी और ऑटो शेयरों में गिरावट, फार्मा व सरकारी बैंकों में खरीदारी
क्षेत्रवार कारोबार में एफएमसीजी, आईटी और ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। निफ्टी एफएमसीजी सूचकांक करीब 1.5 प्रतिशत गिर गया। निफ्टी आईटी में 1 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी रही, जबकि निफ्टी ऑटो आधे प्रतिशत से ज्यादा नीचे बंद हुआ।
हालांकि, बाजार में व्यापक बिकवाली के बीच सरकारी बैंकों (पीएसयू बैंक) और हेल्थकेयर एवं फार्मा क्षेत्र के शेयरों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। इन क्षेत्रों में खरीदारी के चलते संबंधित सूचकांक मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए।