दैनिक खबरनामा। मोहाली, 24 अक्टूबर: सेक्टर-65 स्थित बेवर्ली गोल्फ एवेन्यू में फ्लैट खरीदने और बेचने वाले लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खरीदारों के मुताबिक बैंक लोन, रजिस्ट्री और मालिकाना हक ट्रांसफर से जुड़ी परेशानियों के चलते प्रॉपर्टी का सौदा पूरा नहीं हो पा रहा है।
ट्रांसफर फीस को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इससे उन लोगों की चिंता बढ़ गई है जिन्होंने फ्लैट के लिए लाखों रुपये बयाने के तौर पर दे रखे हैं।
लोगों का कहना है कि अगर बैंक से लोन मंजूर होने या रकम रिलीज होने में देरी होती है तो खरीदार के लिए बाकी का भुगतान करना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में बयाने की रकम फंसने का डर बना रहता है। हालांकि रकम वापस होगी या नहीं, यह संबंधित एग्रीमेंट की शर्तों पर निर्भर करेगा।
133 करोड़ से ज्यादा में खरीदी गई थी जमीन
बेवर्ली गोल्फ एवेन्यू को एमबी इंफ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड ने विकसित किया था। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार कंपनी ने साल 2015 में सेक्टर-65 में करीब 7.123 एकड़ जमीन गमाडा की नीलामी में 133.19 करोड़ रुपये में खरीदी थी।
अप्रैल 2023 में बकाया रकम के कारण गमाडा ने जमीन का आवंटन रद्द करने की कार्रवाई की थी। उस समय करीब 80 करोड़ रुपये के बकाये का जिक्र सामने आया था। बाद में नोटिस वापस लिए जाने की बात भी कही गई थी। हालांकि मौजूदा बकाये और जमीन आवंटन की स्थिति पर आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
ईडी की कार्रवाई का जिक्र भी चर्चा में
सितंबर 2026 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स और उससे कथित तौर पर जुड़ी कंपनियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कई जगहों पर छापेमारी की थी। गमाडा की जमीनों की नीलामी और निजी बिल्डरों को कथित वित्तीय रियायतें देने से जुड़े मामलों की जांच का भी उल्लेख किया गया।
बैंक लोन रुका तो कैसे होगा सौदा पूरा
खरीदारों की तरफ से बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक से लोन लेने में दिक्कत की शिकायतें भी सामने आई हैं। अगर संबंधित बैंकों से लोन मंजूर होने या रकम जारी होने में रुकावट आती है तो इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो अपनी बचत के साथ बैंक लोन के सहारे फ्लैट खरीद रहे हैं।
खरीदारों और निवासियों ने मांग की है कि गमाडा जमीन आवंटन, बकाया राशि और रजिस्ट्री की स्थिति को स्पष्ट करे। संबंधित बैंक लोन से जुड़ी अड़चनों पर जानकारी साझा करे और ट्रांसफर फीस की गणना को सार्वजनिक किया जाए। साथ ही सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की तकनीकी स्थिति की जांच कर शिकायतों के समाधान की व्यवस्था बनाई जाए।