नई दिल्ली 5 फरवरी 2026(दैनिक खबरनामा ) नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला। विपक्षी सांसदों की लगातार नारेबाजी और व्यवधान के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार प्रभावित हुई। इस दौरान सांसदों के अप्रिय और असंयमित व्यवहार पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सदन में कहा कि जिस तरह का आचरण देखने को मिला, वह बेहद चिंताजनक है और इससे प्रधानमंत्री के साथ कोई भी अप्रत्याशित घटना घटित हो सकती थी।
स्पीकर ओम बिरला ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे पवित्र मंच है और यहां इस तरह का व्यवहार न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि देश की गरिमा को भी ठेस पहुंचाता है। उन्होंने सभी सांसदों से संयम बरतने और संसदीय मर्यादाओं का पालन करने की अपील की।लगातार नारेबाजी और हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 3 बजे तक स्थगित करना पड़ा। सदन में व्यवस्था बनाए रखने की तमाम कोशिशों के बावजूद हालात काबू में नहीं आ सके।इस बीच विपक्ष के हंगामे के बावजूद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। खास बात यह रही कि इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परंपरा के अनुसार सदन में अपना भाषण नहीं दिया। बताया जा रहा है कि 2004 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है जब प्रधानमंत्री के बिना भाषण दिए धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया गया। लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के संशोधनों को वोटिंग के लिए रखा, जिन्हें खारिज कर दिया गया। इसके बाद अध्यक्ष ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पढ़ा और उसे पारित घोषित कर दिया।