हरियाणा 17 फरवरी 2026 (दैनिक खबरनामा) हरियाणा में
तीन दशक से लंबित यमुना जल समझौते के क्रियान्वयन की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हरियाणा सरकार ने राजस्थान को हथिनी कुंड से हासियावास तक प्रस्तावित पाइपलाइन के एलाइनमेंट पर अपनी लिखित सहमति भेज दी है। इस मंजूरी के साथ ही अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का रास्ता साफ हो गया है।प्रस्ताव के तहत हरियाणा के यमुनानगर जिले स्थित हथिनी कुंड से राजस्थान के चूरू जिले के हासियावास तक लगभग 265 किलोमीटर लंबी तीन समानांतर पाइपलाइन बिछाई जाएंगी। इससे चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिलों को करीब 577 मिलियन क्यूबिक मीटर पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है। हालांकि हरियाणा ने मार्ग में कुछ स्थानों पर अपनी पेयजल योजनाओं के लिए भी पानी की मांग रखी है।पिछले महीने केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल की उपस्थिति में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बीच पाइपलाइन एलाइनमेंट पर प्रस्तुतीकरण हुआ था, जिसमें सैद्धांतिक सहमति बन गई थी। अब हरियाणा की ओर से औपचारिक पत्र भेजे जाने के बाद परियोजना को गति मिलने की उम्मीद है।12 मई 1994 को राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के बीच हुए यमुना जल समझौते के तहत मानसून अवधि में ताजेवाला हेड से 1,917 क्यूसेक पानी राजस्थान को आवंटित किया गया था। समझौते में जल बंटवारे का प्रतिशत भी तय था, लेकिन यह व्यवस्था अब तक पूरी तरह लागू नहीं हो सकी।फरवरी 2024 में दोनों राज्यों के बीच हुए नए एमओयू के बाद यह प्रगति संभव हो पाई है, जिससे राजस्थान के शुष्क इलाकों में पेयजल संकट कम होने की उम्मीद जगी है।