हिमाचल प्रदेश 20 फरवरी 2026 ( दैनिक खबरनाम ) हिमाचल प्रदेश अब वाहन के बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC), फिटनेस और परमिट में जरा सी भी कमी सफर के दौरान भारी पड़ सकती है। प्रदेश में एक्सप्रेस-वे के टोल प्लाजा पर मार्च के अंत तक ई-डिटेक्शन प्रणाली लागू करने की तैयारी चल रही है। इस नई व्यवस्था के तहत टोल से गुजरते ही वाहन के सभी दस्तावेज स्वचालित प्रणाली से जांचे जाएंगे और किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर तुरंत ई-चालान जारी कर दिया जाएगा।सबसे पहले इस प्रणाली की शुरुआत आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से की जाएगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के अन्य एक्सप्रेस-वे और भविष्य में सभी प्रमुख हाईवे के टोल प्लाजा पर भी इसे लागू किया जाएगा। उत्तराखंड और बिहार की तर्ज पर शुरू हो रही यह व्यवस्था सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।नई प्रणाली पूरी तरह स्वचलित होगी और इसमें किसी प्रकार के मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होगी। जैसे ही वाहन टोल प्लाजा से गुजरेगा, सिस्टम उसके पंजीकरण नंबर के आधार पर बीमा, प्रदूषण, फिटनेस और परमिट समेत सभी दस्तावेजों की वैधता की जांच करेगा। यदि किसी दस्तावेज की अवधि समाप्त पाई गई या जानकारी अधूरी मिली तो संबंधित वाहन मालिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर तुरंत ई-चालान भेज दिया जाएगा।उन्नाव के एआरटीओ प्रवर्तन संजीव कुमार सिंह के अनुसार, यह कदम नियमों के कड़ाई से पालन और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। अब बिना वैध कागजात के एक्सप्रेस-वे पर सफर करना आसान नहीं होगा। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले अपने सभी दस्तावेज अपडेट और वैध रखें, अन्यथा टोल प्लाजा पर ही चालान कट सकता है।
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