चंडीगढ़ 21 फरवरी 2026 (जगदीश कुमार) चंडीगढ़। सिटी ब्यूटीफुल चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH-32) की बदहाल व्यवस्था ने एक फौजी जवान को झकझोर कर रख दिया। जवान का आरोप है कि उसने देश की सुरक्षा के लिए हर मोर्चे पर ड्यूटी निभाई, लेकिन अपनी मां को अस्पताल की लापरवाही से नहीं बचा सका।अस्पताल की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजनों के मुताबिक वेंटिलेटर तो मौजूद हैं, लेकिन उन्हें संचालित करने के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं है। कई मरीजों के रिश्तेदार 8-10 दिनों तक AMBU बैग (सांस देने वाला पंप) के सहारे खुद मरीजों को सांस देने पर मजबूर रहे। यह हालात स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलते नजर आ रहे हैं।बताया जा रहा है कि अस्पताल परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है और बिना अनुमति कैमरा ले जाने पर रोक है। आरोप है कि यह सब इसलिए किया जाता है ताकि अंदर की वास्तविक स्थिति सामने न आ सके।मामले ने तूल तब पकड़ा जब Punjab State Human Rights Commission (PSHRC) के सदस्य और पद्मश्री सम्मानित Jatinder Singh Shanti ने अचानक अस्पताल का दौरा किया। मीडिया की मौजूदगी में कई वीडियो भी सामने आए, जिनमें अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठते दिखे।अब सवाल यह है कि क्या सरकारी फंड का सही इस्तेमाल हो रहा है? क्या मरीजों की जिंदगी इतनी सस्ती हो गई है? प्रशासन की ओर से अभी तक स्पष्ट जवाब का इंतजार है
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