पंजाब 15 मार्च 22026(जगदीश कुमार) पंजाब सरकार ने प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 के तहत“टेक्सटाइल, स्पिनिंग और वीविंग” विषय पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया, जिसमें धागा, बुनाई, ऊनी कपड़े और उभरते तकनीकी टेक्सटाइल क्षेत्र में राज्य की क्षमताओं को उजागर किया गया। इस सत्र में निवेश के अवसरों, टिकाऊ विकास और निर्यात प्रतिस्पर्धा पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही पंजाब ने भारत की टेक्सटाइल वैल्यू चेन में एक प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत करने तथा आधुनिक, तकनीक आधारित और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों के साथ साझेदारी की प्रतिबद्धता दोहराई।इस सत्र में पंजाब सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा, पंजाब के मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की अधिकारी सुरभि मलिक (आईएएस) उपस्थित रहे।
पैनल चर्चा में प्रमुख उद्योगपतियों ने भी भाग लिया, जिनमें ट्राइडेंट ग्रुप के सीईओ (प्रोजेक्ट्स) प्रदीप कुमार मारकंडे, शिंगोरा टेक्सटाइल के प्रबंध निदेशक अमित जैन और अरीसुदाना इंडस्ट्रीज के कार्यकारी निदेशक सिद्धार्थ खन्ना शामिल थे।उद्योग प्रतिनिधियों ने पंजाब के टेक्सटाइल क्षेत्र के विकास के लिए तीन प्रमुख जरूरतों पर जोर दिया। पहला, वैश्विक खरीदारों को आकर्षित करने और बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए क्षमता निर्माण को बढ़ाना आवश्यक है, ताकि भारत स्थापित वैश्विक निर्माण केंद्रों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सके। दूसरा, एआई और मशीन लर्निंग आधारित मशीनरी, डिजिटाइज्ड उत्पादन प्रणाली और एकीकृत सप्लाई चेन जैसी उन्नत तकनीकों को तेजी से अपनाना होगा, जिससे उत्पादकता, गुणवत्ता और संचालन क्षमता में सुधार हो सके। तीसरा, भविष्य के विकास के लिए स्थिरता को आधार बनाते हुए जल पुनर्चक्रण, ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) प्रणाली, ऊर्जा संरक्षण और कृषि आधारित बायोमास जैसे वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देना होगा।सत्र के दौरान उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के निदेशक ने औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति (IBDP) 2026 के तहत उपलब्ध प्रोत्साहनों की जानकारी दी। इस नीति के तहत 10–15 वर्षों की प्रोत्साहन वितरण अवधि, स्थायी पूंजी निवेश पर 20 प्रतिशत तक की पूंजी सब्सिडी (अधिकतम 10 करोड़ रुपये), बिजली शुल्क से 100 प्रतिशत छूट और कुल प्रोत्साहन 125 प्रतिशत तक (अधिकतम 500 करोड़ रुपये) की व्यवस्था की गई है। 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली कंपनियों को विशेष अनुकूलित प्रोत्साहन पैकेज भी दिए जाएंगे।नीति में गैर-वित्तीय सुविधाएं भी शामिल हैं, जिनमें राइट टू बिजनेस एक्ट के तहत समयबद्ध मंजूरी, फास्टट्रैक पंजाब सिंगल-विंडो सिस्टम के माध्यम से अनुमति, विश्वसनीय बिजली आपूर्ति और स्वीकृत लोड के 125 प्रतिशत तक कैप्टिव नवीकरणीय ऊर्जा की सुविधा शामिल है।इस अवसर पर उद्योग मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल और स्थिर वातावरण बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि मुख्य सचिव ने कपास, स्पिनिंग और वैल्यू-एडेड टेक्सटाइल क्षेत्रों के लिए बेहतर नीतियां तैयार करने में उद्योगों की निरंतर प्रतिक्रिया को महत्वपूर्ण बताया।सत्र में उद्योगों ने साझा और किफायती बुनियादी ढांचे, विशेषकर क्लस्टर स्तर के ZLD और CETP सिस्टम, फाइबर क्षमता के विस्तार, उद्योग-अनुसंधान सहयोग और 24×7 उत्पादन के लिए स्थिर बिजली टैरिफ की भी मांग रखी।राज्य सरकार ने बताया कि फास्टट्रैक पंजाब सिंगल-विंडो प्रणाली के माध्यम से आगे की प्रक्रियाओं को तेज किया जाएगा और आने वाले हफ्तों में IBDP 2026 के तहत प्रस्तावों पर लक्षित बैठकें आयोजित की जाएंगी।इन प्रयासों से पंजाब में प्रतिस्पर्धी, टिकाऊ और भविष्य-उन्मुख टेक्सटाइल इकोसिस्टम के निर्माण को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।