दैनिक खबरनामा 17 मार्च 2026 अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड के बढ़ते सेवन को लेकर एक नया अध्ययन सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को और बढ़ा दिया है। अब तक ऐसे खाद्य पदार्थों को मधुमेह, हृदय रोग और कैंसर के जोखिम से जोड़ा जाता रहा है, लेकिन ताजा शोध में इनके हड्डियों पर भी गंभीर प्रभाव का खुलासा हुआ है।अमेरिका के तुलाने विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन हड्डियों की मजबूती को कम करता है। 1.6 लाख से अधिक लोगों पर आधारित इस शोध में सामने आया कि ऐसे खाद्य पदार्थ बोन मिनरल डेंसिटी को घटाते हैं, जिससे कूल्हे की हड्डी टूटने यानी हिप फ्रैक्चर का खतरा करीब 10.5 फीसदी तक बढ़ जाता है।यह अध्ययन यूके बायोबैंक के डेटा पर आधारित है और इसके निष्कर्ष द ब्रिटिश जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित किए गए हैं।विशेषज्ञों के अनुसार, रोजमर्रा के आहार में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड की बढ़ती हिस्सेदारी इस समस्या की मुख्य वजह है। फ्लेवर्ड दही, फ्रोजन पिज्जा, ब्रेकफास्ट सीरियल और इंस्टेंट ओट्स जैसे उत्पाद तेजी से लोगों की थाली का हिस्सा बन रहे हैं। आसान उपलब्धता, कम समय में तैयारी और अपेक्षाकृत कम कीमत के कारण व्यस्त जीवनशैली में लोग इन पर अधिक निर्भर होते जा रहे हैं।
विशेषज्ञों ने संतुलित और प्राकृतिक आहार अपनाने की सलाह देते हुए कहा है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का सीमित सेवन ही बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।