दैनिक खबरनामा 30 मार्च 2026 चंडीगढ़ और अंबाला से चलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में इन दिनों यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार अप्रैल, मई और जून के दौरान लगभग सभी ट्रेनें पूरी तरह फुल चल रही हैं, जिससे यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। कई ट्रेनों में तो 28 मई तक वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं है।सबसे ज्यादा दबाव चंडीगढ़ से मुंबई, कटिहार और पटना रूट पर है। मुंबई के लिए केवल दो ट्रेनें उपलब्ध हैं, जबकि कटिहार और पटना के लिए सप्ताह में मात्र दो दिन ही ट्रेनें चलती हैं। डिब्रूगढ़, पाटलिपुत्र और कटिहार जाने वाली ट्रेनों—जैसे अमरपाली एक्सप्रेस—में स्थिति और भी खराब है, जहां सभी सीटें पहले से बुक हैं।यात्रियों की बढ़ती संख्या और सीमित ट्रेनों के कारण अब अतिरिक्त ट्रेनों की मांग तेज हो गई है। इसके साथ ही विभिन्न एसोसिएशनों ने चंडीगढ़-लखनऊ सद्भावना सुपरफास्ट ट्रेन (12232) को प्रतापगढ़ और अयोध्या तक बढ़ाने की मांग उठाई है। इस संबंध में सांसद मनीष तिवारी और रेल मंत्री को पत्र भी भेजे गए हैं।एसोसिएशनों का कहना है कि ट्राइसिटी क्षेत्र (चंडीगढ़, पंचकुला और मोहाली) में उत्तर प्रदेश और बिहार के बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। वाराणसी और गोरखपुर के लिए सीमित ट्रेन सेवाओं के कारण यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
यात्रियों का कहना है कि यदि जल्द ही अतिरिक्त ट्रेनें नहीं चलाई गईं और रूट विस्तार नहीं किया गया, तो गर्मियों के सीजन में स्थिति और गंभीर हो सकती है।