दैनिक खबरनामा 3 अप्रैल 2026 चंडीगढ़ नगर निगम से जुड़े 118 करोड़ रुपये के फर्जी एफडी (FD) घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की CFO नलिनी मलिक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि उन्होंने आईडीएफसी बैंक के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि के जरिए करीब 50 करोड़ रुपये कैश और 2 लाख से अधिक की रकम अपने बैंक खाते में ली।गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां पुलिस ने 7 दिन का रिमांड मांगा, लेकिन कोर्ट ने 4 दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया। यह मामला अब संसद तक पहुंच चुका है। चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी ने संसद में इस घोटाले को उठाते हुए आरबीआई और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की है।जांच के दौरान पुलिस ने नलिनी मलिक की बहन के घर से कार, लैपटॉप, पेन ड्राइव और अन्य अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।वहीं, मामले में गिरफ्तार प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर सिंह को लेकर पुलिस नोएडा पहुंची है, जहां दीपक नाम के व्यक्ति के घर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। जांच में सामने आया है कि शेल कंपनियों के जरिए भेजे गए पैसों में से 2 करोड़ रुपये से ज्यादा दीपक के खाते में ट्रांसफर हुए थे।पुलिस के अनुसार सुखविंदर सिंह ने करीब 2.50 करोड़ रुपये अपनी मां, दोस्त और अपने खातों में ट्रांसफर करवाए। साथ ही इस मामले के तार एक आईएफएस अधिकारी के रिश्तेदार से भी जुड़े बताए जा रहे हैं।जांच एजेंसियों का मानना है कि यह घोटाला प्रशासन के बड़े अधिकारियों तक पहुंच सकता है और आने वाले दिनों में और भी बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।
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