दैनिक खबरनामा 5 मार्च 2026 हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में कार्यरत हजारों एक्सटेंशन लेक्चररों को बड़ा झटका लगा है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उनकी सेवानिवृत्ति आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष करने की मांग को खारिज कर दिया है।कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) आधार पर नियुक्त कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान सेवा अधिकार नहीं दिए जा सकते। एक्सटेंशन लेक्चररों ने याचिका दायर कर उस नीति को चुनौती दी थी, जिसके तहत 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाती हैं।याचिकाकर्ताओं ने दलील दी थी कि यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के दिशा-निर्देशों के अनुसार उनकी सेवा अवधि अधिक होनी चाहिए। उनका कहना था कि कई संस्थानों में शिक्षकों को 60 वर्ष या उससे अधिक आयु तक सेवा का अवसर मिलता है, इसलिए उन्हें भी समान लाभ मिलना चाहिए।
हालांकि, हाईकोर्ट ने कहा कि एक्सटेंशन लेक्चरर और नियमित सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति व सेवा शर्तें अलग-अलग होती हैं। इसलिए दोनों को समान अधिकार देना संभव नहीं है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्ति आयु तय करना सरकार का नीतिगत अधिकार है और इसमें न्यायालय तभी हस्तक्षेप करेगा जब निर्णय मनमाना या असंवैधानिक हो।कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि हरियाणा में नियमित सहायक प्रोफेसरों की सेवानिवृत्ति आयु भी 58 वर्ष ही है, ऐसे में एक्सटेंशन लेक्चररों की 60 वर्ष तक सेवा की मांग तर्कसंगत नहीं है।