दैनिक खबरनामा 10 अप्रैल 2026 चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर हुए ग्रेनेड ब्लास्ट मामले की जांच में कई अहम खुलासे सामने आए हैं। आरोपियों ने कबूल किया है कि वारदात के दौरान उनके पास दो ग्रेनेड थे। इनमें से एक ग्रेनेड उन्होंने कार्यालय के बाहर पार्किंग एरिया में फेंका, जबकि दूसरा अपने पास ही रखा और उसी के साथ बस में बैठकर फरार हो गए।जांच एजेंसियों के अनुसार, इस हमले की साजिश विदेश में बैठे हैंडलर्स ने रची थी। आरोपियों को कई दिनों तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ग्रेनेड इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग दी गई। उन्हें साफ निर्देश दिए गए थे कि हमला किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ दहशत फैलाने के उद्देश्य से किया जाए। यही वजह रही कि ग्रेनेड कार्यालय के अंदर नहीं, बल्कि बाहर फेंका गया।इतना ही नहीं, आरोपियों को वारदात के बाद घटना का वीडियो बनाकर हैंडलर को भेजने के निर्देश भी दिए गए थे। जैसे ही वीडियो भेजी गई, हैंडलर ने तुरंत आरोपियों को ब्लॉक कर दिया और उनसे संपर्क पूरी तरह खत्म कर लिया।जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों मुख्य आरोपी—फतेहगढ़ के गांव रतनगढ़ निवासी अमनप्रीत उर्फ अमन और गुरतेज—नशे के आदी हैं। गुरतेज पिछले तीन वर्षों से बुड़ैल में रह रहा था और इंस्टाग्राम के माध्यम से ही मास्टरमाइंड के संपर्क में आया था। सूत्रों के मुताबिक, इस पूरी साजिश का हैंडलर जर्मनी में बैठा हुआ था।चंडीगढ़ पुलिस जल्द ही दोनों आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गहन पूछताछ करेगी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
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