दैनिक खबरनामा 11 अप्रैल 2026 चंडीगढ़ में अब ऊंची रिहायशी इमारतों का दौर शुरू होने जा रहा है। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) जल्द ही अपनी नई ग्रुप हाउसिंग स्कीम लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसमें 6 मंजिला फ्लैट्स बनाए जाएंगे। इस स्कीम में EWS फ्लैट्स की कीमत करीब ₹74 लाख, 2BHK की ₹1.97 करोड़ और 3BHK की कीमत ₹2.30 करोड़ तक तय की गई है।
प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट को व्यवहारिक बनाने के लिए फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) को 1.2 से बढ़ाकर 2.4 कर दिया है। इस फैसले के बाद अब 4-5 मंजिलों की जगह 6 मंजिला इमारतों का निर्माण संभव होगा। अधिकारियों का मानना है कि FAR बढ़ने से एक ही जमीन पर ज्यादा फ्लैट्स बनाए जा सकेंगे, जिससे प्रति यूनिट लागत घटेगी और भविष्य में कीमतों में राहत मिल सकती है।
दरअसल, हाल ही में कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी के चलते प्रोजेक्ट की लागत में 35 से 40 फीसदी तक इजाफा हुआ है, जिससे फ्लैट्स महंगे हो गए हैं।सेक्टर-53 की इस स्कीम को पहले 2018 में लॉन्च किया गया था, लेकिन ऊंची कीमतों के कारण इसे अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिला। इसके बाद नवंबर 2024 में प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के निर्देश पर प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू किया गया। मार्च 2025 में किए गए डिमांड सर्वे में 372 फ्लैट्स के लिए 7,468 आवेदन आए, जिससे इसकी भारी मांग सामने आई।
इसके अलावा, चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2 में भी FAR बढ़ाने की तैयारी है, जहां इसे 0.75 और 1.0 से बढ़ाकर 2.0 किया जा सकता है। वहीं, नॉन-हेरिटेज सेक्टर्स में कमर्शियल, होटल और शिक्षण संस्थानों के लिए भी अतिरिक्त FAR देने पर विचार किया जा रहा है।हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के 2023 के आदेश के तहत शहर के हेरिटेज क्षेत्र (सेक्टर 1 से 30) में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा, ताकि चंडीगढ़ का मूल स्वरूप सुरक्षित रह सके।इसी के साथ प्रशासन ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ स्कीम भी शुरू करने जा रहा है, जिससे पर्यटक अब महंगे होटलों की बजाय शहर की कोठियों में ठहर सकेंगे। इससे मकान मालिकों को अतिरिक्त आय का मौका मिलेगा और उन्हें घरेलू दरों पर ही टैक्स व बिजली बिल देना होगा।