दैनिक खबरनामा 11 अप्रैल 2026 चंडीगढ़ बड़े ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े मामले में आरोपी साहिल कुमार उर्फ प्रिंस को अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज करते हुए साफ कहा कि मामला बेहद गंभीर है और इसमें भारी मात्रा में नशीले पदार्थ की बरामदगी हुई है, इसलिए फिलहाल आरोपी को रिहा नहीं किया जा सकता।अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इस समय जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है। पुलिस की जांच अभी जारी है और पूरे नेटवर्क का खुलासा होना बाकी है, ऐसे में आरोपी को हिरासत में रखना जरूरी है।मामले के अनुसार, 27 फरवरी 2026 को पुलिस टीम सेक्टर-43 आईएसबीटी के पीछे गश्त कर रही थी। इसी दौरान मिली गुप्त सूचना के आधार पर नाकाबंदी की गई और एक कार को रोका गया। कार में सवार आरोपी आफताब के पास से 1.065 किलो हेरोइन बरामद हुई, जो कमर्शियल क्वांटिटी में आती है। पूछताछ के दौरान आफताब के खुलासे पर साहिल उर्फ प्रिंस समेत अन्य आरोपियों सतपाल सिंह और अजय उर्फ संजू को गिरफ्तार किया गया।पुलिस के मुताबिक, साहिल कुमार के खुलासे पर लुधियाना के जवाहर नगर कैंप स्थित बाल्मीकि पार्क में छापेमारी कर 18.97 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। वहीं सह-आरोपी अजय के घर से इलेक्ट्रॉनिक कांटा, नशा तौलने के उपकरण और खाली पाउच बरामद हुए, जिनका इस्तेमाल ड्रग्स को पैक कर सप्लाई करने में किया जाता था।सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि बरामदगी कम मात्रा की है और आरोपी को झूठा फंसाया गया है, साथ ही मामले में कोई स्वतंत्र गवाह नहीं है। हालांकि अदालत ने इन दलीलों को खारिज कर दिया।कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यह मामला किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे ड्रग्स नेटवर्क का है। जांच में साहिल की भूमिका सप्लायर के रूप में सामने आई है और उस पर साजिश की धाराएं भी लागू होती हैं। ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि आरोपी निर्दोष है या जमानत मिलने पर दोबारा अपराध नहीं करेगा।अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि इसी मामले में सह-आरोपियों अजय और सतपाल की जमानत याचिकाएं पहले ही खारिज हो चुकी हैं। समान परिस्थितियों में साहिल को राहत देना उचित नहीं होगा।
इन सभी तथ्यों को देखते हुए अदालत ने साहिल कुमार उर्फ प्रिंस की जमानत याचिका खारिज कर दी और स्पष्ट किया कि ड्रग्स सप्लाई से जुड़े इस बड़े नेटवर्क की जांच पूरी होने तक आरोपी को रिहा नहीं किया जा सकता।