दैनिक खबरनामा 25 अप्रैल 2026 आम आदमी पार्टी (AAP) और उसके प्रमुख युवा चेहरे राघव चड्ढा के रास्ते अलग होते नजर आ रहे हैं। चड्ढा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का एलान कर दिया है। उनके साथ पंजाब से राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल, राजेंद्र गुप्ता, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी और हरभजन सिंह के भी भाजपा में जाने की चर्चा है।कुछ दिन पहले ही पार्टी ने राज्यसभा में उपनेता पद से राघव चड्ढा को हटाकर डॉ. अशोक कुमार मित्तल को यह जिम्मेदारी दी थी। इसके साथ ही पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर चड्ढा को बोलने के लिए समय न देने का अनुरोध भी किया था। इस फैसले के बाद से ही पार्टी और चड्ढा के बीच दूरी की अटकलें तेज हो गई थीं, जो अब खुलकर सामने आ गई हैं।राघव चड्ढा को अरविंद केजरीवाल का करीबी माना जाता रहा है। उन्होंने 2015 में पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष के रूप में शुरुआत की और 2020 में दिल्ली के राजेंद्र नगर से विधायक बने। 2022 में उन्हें पंजाब से राज्यसभा भेजा गया, जहां वे सबसे युवा सांसदों में शामिल हैं।बताया जा रहा है कि केजरीवाल और चड्ढा के बीच मतभेद उस समय बढ़े जब केजरीवाल जेल में थे और चड्ढा विदेश में अपनी निजी जिंदगी को लेकर सक्रिय नजर आए। इसके अलावा, लोकसभा चुनाव में भी उन्हें सीमित भूमिका दी गई थी।हालांकि, पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह और नए उपनेता अशोक मित्तल इसे सामान्य संगठनात्मक बदलाव बता रहे हैं। वहीं, चड्ढा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर इशारों में कहा—“मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझना, मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।”राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर यह घटनाक्रम आगे बढ़ता है, तो इसका असर AAP की छवि और आंतरिक संतुलन पर पड़ सकता है। फिलहाल यह देखना अहम होगा कि यह विवाद यहीं थमता है या बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत बनता है।