कांग्रेस घोषणापत्र समिति ने शुरू किया प्रदेशव्यापी जन-सलाह अभियान; भाजपा पर ‘शुद्धीकरण’ के नाम पर संविधान विरोधी राजनीति और बदले की भावना से FIR दर्ज करने का आरोप
दैनिक खबरनामा चंडीगढ़, 31 अगस्त: पंजाब कांग्रेस की चुनाव घोषणापत्र समिति ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों को लेकर ‘जनता का मैनीफैस्टो’ तैयार करने के लिए प्रदेशव्यापी जन-सलाह अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। समिति की पंजाब कांग्रेस भवन में हुई विस्तृत बैठक में तय किया गया कि घोषणापत्र को केवल पार्टी नेताओं तक सीमित रखने के बजाय आम जनता की राय और जमीनी जरूरतों के आधार पर तैयार किया जाएगा।
कांग्रेस ने बताया कि यह अभियान पवित्र शहर अमृतसर से औपचारिक रूप से शुरू होगा। इसके बाद समिति के सदस्य पंजाब के सभी जिलों का दौरा करेंगे और प्रत्येक जिले में सुबह से शाम तक बैठकें तथा जन-संवाद करेंगे।
इन बैठकों में जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों, सांसदों, विधायकों, वरिष्ठ नेताओं और 2022 विधानसभा चुनाव लड़ चुके उम्मीदवारों से क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं और लोगों की प्राथमिकताओं पर फीडबैक लिया जाएगा।
पत्रकारों, बुद्धिजीवियों और आम लोगों से भी मांगे जाएंगे सुझाव
कांग्रेस घोषणापत्र समिति ने कहा कि ‘जनता का मैनीफैस्टो’ तैयार करने में समाज के हर वर्ग को शामिल किया जाएगा। इसके लिए पत्रकारों, बुद्धिजीवियों, सिविल सोसाइटी संगठनों और आम नागरिकों से लिखित सुझाव, विचार और मांगें भी आमंत्रित की जाएंगी।
पार्टी नेताओं ने कहा कि इसका उद्देश्य ऐसा घोषणापत्र तैयार करना है, जो पंजाब के लोगों की वास्तविक समस्याओं, उम्मीदों और आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करे और राज्य के भविष्य के लिए स्पष्ट रोडमैप पेश करे।
‘शुद्धीकरण’ के नाम पर संविधान को ठेस पहुंचाने का आरोप
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी द्वारा उठाए गए वैचारिक संघर्ष के मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि देश में दो अलग-अलग विचारधाराओं के बीच लड़ाई चल रही है। एक ओर संविधान और बाबा साहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर के मूल्यों की रक्षा करने वाले लोग हैं, जबकि दूसरी ओर RSS-BJP गठजोड़ है, जिस पर कांग्रेस ने संविधान के मूल्यों और समानता के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया।
नेताओं ने हाल ही में मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद कथित ‘शुद्धीकरण’ की घटना का जिक्र करते हुए भाजपा और RSS पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी दलित नेता द्वारा सभा को संबोधित किए जाने के बाद इस तरह की रस्म करना भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक मानसिकता को दर्शाता है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कथित ‘शुद्धीकरण’ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, इस प्रथा के खिलाफ आवाज उठाने वाले राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करना बदले की राजनीति का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि पार्टी ऐसी कार्रवाई के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी और राजनीतिक दबाव के आगे नहीं झुकेगी।
‘भाजपा और अकाली दल मिले हुए हैं’
2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि पंजाब की राजनीतिक तस्वीर अब स्पष्ट होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिरोमणि अकाली दल और भाजपा आपस में मिले हुए हैं और दोनों दल पर्दे के पीछे मिलकर काम कर रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पंजाब की जनता इस कथित गठजोड़ को समझ चुकी है और 2027 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की निर्णायक वापसी के लिए माहौल तैयार हो रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि जनता के साथ व्यापक संवाद के आधार पर तैयार किया जाने वाला ‘जनता का मैनीफैस्टो’ पंजाब की अगली कांग्रेस सरकार के लिए विकास और जनकल्याण का मजबूत रोडमैप साबित होगा।