दैनिक खबरनामा
16 जुलाई तेहरान/वॉशिंगटन : मध्य-पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। गुरुवार तड़के अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, हमले मिसाइल लॉन्च साइट्स, रक्षा प्रतिष्ठानों और सिस्तान-बलूचिस्तान में स्थित 388वीं ब्रिगेड की बैरक पर किए गए।
अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने जवाबी कदम उठाते हुए बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया। घटनाक्रम के बाद बहरीन और कुवैत में मिसाइल अलर्ट जारी किया गया, जबकि जॉर्डन ने अपने वायु रक्षा तंत्र की मदद से कई मिसाइलों को रास्ते में ही नष्ट करने की जानकारी दी।
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि यदि अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटता, तो ईरान व्यापक सैन्य संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार है। वहीं, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर मध्य-पूर्व से होने वाले तेल और गैस के निर्यात को भी प्रभावित किया जा सकता है।
इस बीच, जॉर्डन की सेना ने दावा किया कि उसने ईरान की आठ मिसाइलों को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही हवा में मार गिराया। सरकारी समाचार एजेंसी ‘पेट्रा’ के अनुसार, एयर डिफेंस सिस्टम ने सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर दिया।
जॉर्डन की सेना के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम में किसी भी तरह की जनहानि या संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ। मिसाइलों के अवशेष सुरक्षित कर लिए गए हैं और देशभर में एयर डिफेंस सिस्टम को हाई अलर्ट पर रखा गया है। साथ ही, हवाई क्षेत्र पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।