दैनिक खबरनामा
16 जुलाई पुरी : ओडिशा के समुद्री तटवर्ती शहर पुरी में गुरुवार से विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा का शुभारंभ होने जा रहा है। इस ऐतिहासिक और धार्मिक आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के सुसज्जित रथ ग्रैंड रोड पर स्थापित कर दिए गए हैं, जहां से लाखों श्रद्धालु उनके दर्शन करेंगे। यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए केंद्रीय सशस्त्र बलों की 15 कंपनियों समेत लगभग 14,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के अधिकारियों के मुताबिक, भगवान बलभद्र के तालध्वज, देवी सुभद्रा के दर्पदलन और भगवान जगन्नाथ के नंदीघोष रथ का निर्माण एवं अलंकरण कार्य पूर्ण हो चुका है। देवताओं से आज्ञामाला प्राप्त होने के बाद तीनों रथों को 12वीं शताब्दी के श्री जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार के सामने स्थित ग्रैंड रोड पर विधिवत स्थापित किया गया।
इस वर्ष रथ यात्रा में देश और विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। परंपरा के अनुसार श्रद्धालु भगवान के रथों को खींचेंगे और इस भव्य धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनेंगे।
अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) संजय कुमार ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर व्यापक व्यवस्था की गई है। एनएसजी और आरएएफ के कमांडो, सीआरपीएफ तथा बीएसएफ के जवानों सहित केंद्रीय सशस्त्र बलों की 15 कंपनियां, जिनमें लगभग 1,500 जवान शामिल हैं, विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहेंगी। इनके अलावा करीब 13,000 पुलिसकर्मी भी ड्यूटी पर रहेंगे। समुद्र तट पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 500 लाइफगार्ड की भी तैनाती की गई है।
ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाई.बी. खुरानिया ने बताया कि रथ यात्रा के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा योजना लागू की गई है। इस बार भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था पर विशेष फोकस रखा गया है। सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक के जरिए पूरे आयोजन की हवाई निगरानी भी करेंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा को और मजबूत बनाया गया है। भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल और ओडिशा समुद्री पुलिस संयुक्त रूप से समुद्री गश्त कर रही हैं, जबकि जहाजों पर त्वरित कार्रवाई दलों की भी तैनाती सुनिश्चित की गई है।