दैनिक खबरनामा ब्यूरो। तिजुआना (मेक्सिको), 8 जून। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और युद्ध की परिस्थितियों के बीच ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम विश्व कप में भाग लेने के लिए रविवार तड़के मेक्सिको के तिजुआना शहर पहुंच गई। टीम यहां से अमेरिका में होने वाले अपने समूह चरण के मुकाबलों की तैयारी करेगी।

ईरानी टीम तुर्किये से रातभर की उड़ान के बाद सुबह करीब पांच बजे तिजुआना पहुंची। पिछले तीन सप्ताह से खिलाड़ी तुर्किये में प्रशिक्षण ले रहे थे। हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद टीम की बस कुछ देर के लिए रुकी, जहां करीब 20 समर्थक ईरानी झंडे लेकर खिलाड़ियों का स्वागत करने पहुंचे थे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सैन्य और पुलिस बल की निगरानी में टीम को होटल तक पहुंचाया गया।

ईरान में फुटबॉल को लगभग धर्म जैसा दर्जा प्राप्त है और यह देश के सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक है। हालांकि इस बार विश्व कप में टीम की भागीदारी केवल खेल तक सीमित नहीं है। अमेरिका के साथ जारी युद्ध, यात्रा अनुमति को लेकर अनिश्चितता और देश के भीतर राजनीतिक तनाव के कारण टीम लगातार दबाव में रही है।

सूत्रों के अनुसार, ईरानी फुटबॉल महासंघ ने अंतिम समय में टीम का प्रशिक्षण केंद्र अमेरिका के एरिजोना राज्य से हटाकर मेक्सिको के तिजुआना में स्थानांतरित कर दिया। यह फैसला खिलाड़ियों को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति मिलने को लेकर बनी अनिश्चितता और ईरान में बढ़ती उस भावना के कारण लिया गया, जिसके तहत टीम की अमेरिका में मौजूदगी को न्यूनतम रखने की मांग की जा रही थी।

ईरान के मुख्य प्रशिक्षक अमीर गालेनोई ने कहा कि टीम आदर्श रूप से एक सप्ताह पहले तिजुआना पहुंचना चाहती थी ताकि समय के अंतर के अनुसार खुद को बेहतर ढंग से तैयार कर सके। उन्होंने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में तकनीकी पहलुओं से पहले मानवीय और नैतिक विचारों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, लेकिन उनके साथ ऐसा नहीं हुआ।

टीम के अनुभवी रक्षक एहसान हजसाफी ने कहा कि फरवरी में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद खिलाड़ियों ने बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना किया है। इसके बावजूद टीम शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट है और प्रतियोगिता के लिए तैयार है।

ईरान अपने समूह-जी के पहले दो मुकाबले लॉस एंजिलिस के निकट खेलेगा। टीम 15 जून को न्यूजीलैंड और 21 जून को बेल्जियम से भिड़ेगी। इसके बाद 26 जून को सिएटल में मिस्र के खिलाफ मैदान में उतरेगी। यदि दोनों टीमें अपने-अपने समूह में दूसरे स्थान पर रहती हैं तो अगले दौर में ईरान और अमेरिका के बीच मुकाबला भी हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि 1930 में विश्व कप की शुरुआत के बाद यह पहला अवसर है जब मेजबान देश किसी ऐसे राष्ट्र की मेजबानी कर रहा है, जिसके साथ उसका युद्ध चल रहा है। इससे इस प्रतियोगिता का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है।

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