दैनिक खबरनामा। पंचकूला, 12 जुलाई: राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अंबाला के बलदेव नगर पुलिस थाना परिसर में जनवरी 2026 में हुए आईईडी विस्फोट के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को एनआईए ने पंचकूला स्थित विशेष अदालत में इस केस से जुड़े 8 लोगों के खिलाफ चार्जशीट पेश की।
इस सूची में पाकिस्तान का रहने वाला शहजाद भट्टी का नाम भी शामिल है। जांच एजेंसी ने उसे इस पूरी साजिश का मुख्य साजिशकर्ता बताया है। भट्टी पहले गैंगस्टर था और बाद में आतंकी गतिविधियों से जुड़ गया।
चार्जशीट में जिन अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है उनके नाम हैं: करमजीत सिंह उर्फ टोनी, आकाश, सौरभ उर्फ सोबी, रमन कुमार, सत्यम, सुखदेव सिंह उर्फ सुखा और अमरजीत सिंह उर्फ अंबी।
एनआईए के मुताबिक शहजाद भट्टी ने भारत के अंदर अपना नेटवर्क खड़ा किया था। उसने अपने स्थानीय साथियों को पुलिस ठिकानों को निशाना बनाने के लिए हथियार और विस्फोटक मुहैया कराने की जिम्मेदारी दी थी। जांच एजेंसी का कहना है कि बलदेव नगर थाने को जानबूझकर चुना गया ताकि आम लोगों में खौफ पैदा किया जा सके।
एजेंसी ने बताया कि आकाश भारत में भट्टी का सबसे करीबी मददगार था। उसी ने बाकी आरोपियों के साथ मिलकर पूरे हमले की रूपरेखा तैयार की। पहले सभी ने संभावित जगहों का निरीक्षण किया। इसके बाद गैस सिलेंडर और विस्फोटक से भरी एक कार को थाने की पार्किंग में खड़ा कर दिया गया। हमले के बाद आरोपियों ने उसका वीडियो भी रिकॉर्ड किया ताकि उसे प्रचार के लिए इस्तेमाल किया जा सके।
जांच में यह भी सामने आया कि शहजाद भट्टी ने सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए युवाओं को अपने साथ जोड़ा और उनका ब्रेनवॉश किया। डिजिटल सबूतों, दस्तावेजों और फॉरेंसिक रिपोर्ट से पुष्टि हुई है कि साजिश के दौरान सभी आरोपी लगातार पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर के संपर्क में थे।
एनआईए का कहना है कि इस मामले में भर्ती, पैसे की व्यवस्था, सामान की सप्लाई, विस्फोटक खरीदना, प्लान बनाना और उसे अंजाम देना — पूरी चेन का खुलासा हो चुका है। हालांकि एजेंसी की जांच अभी जारी है और आगे और खुलासे हो सकते हैं।