दैनिक खबरनामा। हमीरपुर, 14 जुलाई: हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर के चढ़ावे और कीमती सामान के रखरखाव में अनियमितता का मामला सामने आया है। मंदिर न्यास की 31 दिसंबर 2024 तक की ऑडिट रिपोर्ट में सोना-चांदी और अन्य मूल्यवान वस्तुओं के स्टॉक रजिस्टर में कई खामियां मिली हैं।
ऑडिट के दौरान सबसे बड़ा खुलासा दान की गई चांदी को लेकर हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक 10 दिसंबर 2021 को राकेश जैन ने मंदिर न्यास को 110 ग्राम चांदी भेंट की थी। लेकिन स्टॉक रजिस्टर में इस दान की सिर्फ 11.099 ग्राम चांदी ही दर्ज की गई है। इस तरह लगभग 98.901 ग्राम चांदी के हिसाब में अंतर पाया गया है।
इसके अलावा चांदी के कुल स्टॉक के जोड़ में भी 500 मिलीग्राम की गणना संबंधी गलती पकड़ी गई है। ऑडिट टीम ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है और दोषी व्यक्ति की पहचान कर बाजार दर के हिसाब से वसूली करने की सिफारिश की है।
लॉकर और संग्रहालय का ब्योरा
31 दिसंबर 2024 की स्थिति के अनुसार पंजाब नेशनल बैंक, मैहरे की लॉकर में स्टॉक रजिस्टर में दर्ज एक हीरा, 70.600 ग्राम वजन का गिल्ट धातु का मुकुट जिसमें नग और मनके लगे हैं, और 145 ग्राम कांच के मनके सुरक्षित रखे हुए हैं। वहीं मंदिर संग्रहालय के रजिस्टर में चांदी, गिल्ट व अन्य धातुओं से बनी कुल 230 कीमती वस्तुओं का लेखा-जोखा दर्ज है।
स्पष्टीकरण नहीं मिला
ऑडिट टीम ने 21 जनवरी 2026 को अंकेक्षण अधियाचना संख्या-39 भेजकर मंदिर अधिकारी से 110 ग्राम चांदी वाले मामले पर स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन ऑडिट पूरा होने तक कोई उत्तर नहीं आया।
इसी तरह कुल स्टॉक के जोड़ में मिली गड़बड़ी को लेकर भी अंकेक्षण अधियाचना संख्या-38 जारी की गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टॉक का वास्तविक जोड़ 2 क्विंटल 98 किलो 88 ग्राम 417 मिलीग्राम बनता है, जबकि रजिस्टर में 2 क्विंटल 98 किलो 87 ग्राम 917 मिलीग्राम ही दर्शाया गया है। इस पर भी मंदिर प्रबंधन की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।
वसूली और जवाबदेही के निर्देश
ऑडिट रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि कम दर्ज की गई चांदी का कारण बताया जाए, जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाए और मौजूदा बाजार भाव के अनुसार बकाया राशि वसूल कर उसे मंदिर न्यास के खाते में जमा करवाया जाए। साथ ही की गई कार्रवाई की अनुपालना रिपोर्ट भी भेजने को कहा गया है।
अधिकारियों का पक्ष
नए-नए कार्यभार संभालने वाले मंदिर अधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि वे रिकॉर्ड खंगालने के बाद ही इस विषय पर विस्तार से कुछ कह पाएंगे। वहीं मंदिर न्यास की आयुक्त एवं एसडीएम स्वाति डोगरा से उनका पक्ष जानने के लिए कई बार फोन पर संपर्क किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।