दैनिक खबरनामा | 12 अगस्त | वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2028 में राष्ट्रपति पद के लिए एक बार फिर मैदान में उतरने की इच्छा जाहिर की है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी कानून तीसरी बार राष्ट्रपति चुने जाने की राह में बड़ी संवैधानिक बाधा है।
तीसरी बार चुनाव लड़ने को लेकर गंभीरता के सवाल पर ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि उनसे लगातार यही सवाल किया जाता है। उन्होंने अमेरिकी कानून को बेहद सख्त बताते हुए कहा कि वह दोबारा चुनाव लड़ना पसंद करेंगे, लेकिन मौजूदा कानूनी व्यवस्था इसकी अनुमति नहीं देती।
अमेरिकी संविधान के 22वें संशोधन के तहत कोई व्यक्ति दो से अधिक बार राष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित नहीं हो सकता। यह संशोधन 1951 में लागू हुआ था। इसके पीछे एक प्रमुख संदर्भ फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट का चार बार राष्ट्रपति चुना जाना था। ट्रंप 2016 और 2024 में राष्ट्रपति चुनाव जीत चुके हैं।
2028 को लेकर लगातार चर्चा
पिछले कुछ सप्ताहों में ट्रंप कई मौकों पर 2028 का उल्लेख कर चुके हैं। एक पत्रकार ने उस डिनर कार्यक्रम का जिक्र किया, जहां ‘ट्रंप 2028’ का प्रचार प्रदर्शित किया गया था और समर्थकों ने उन्हें दोबारा चुनाव लड़ने के समर्थन में नारे लगाए थे।
इस पर ट्रंप ने कहा कि उनसे हर जगह 2028 को लेकर सवाल किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि उसी रात कार्यक्रम में भी लोगों ने ‘2028’ के नारे लगाए।
हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह 22वें संशोधन में मौजूद संवैधानिक सीमा को चुनौती देने की कोई कोशिश करेंगे या तीसरे कार्यकाल के लिए किसी संभावित चुनावी रणनीति पर आगे बढ़ेंगे। उनके बयान में फिलहाल मौजूदा कानून की मजबूती पर ही जोर रहा।
तुर्की यात्रा की सुरक्षा पर भी बोले ट्रंप
राष्ट्रपति ने तुर्की की हालिया यात्रा के दौरान अपनाए गए सुरक्षा प्रबंधों पर भी अपनी बात रखी। ट्रंप ने कहा कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था सीक्रेट सर्विस और सेना ने तय की थी और वह उन्हीं की सलाह के अनुसार चलते हैं।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा से जुड़े फैसले पूरी तरह सीक्रेट सर्विस पर निर्भर करते हैं और वह वही करते हैं जो सुरक्षा अधिकारी उचित समझते हैं। ट्रंप ने बताया कि वह सीक्रेट सर्विस और सेना की सलाह का पालन करते हैं।
जब उनसे पूछा गया कि उनकी यात्रा के दौरान इतने व्यापक सुरक्षा इंतजाम क्यों किए गए, तो ट्रंप ने कहा कि उन्हें बड़ी संख्या में धमकियां मिलती हैं।
उन्होंने आगे दावा किया कि उन्हें कई ऐसी धमकियां मिलती हैं जिनकी जानकारी आम लोगों को नहीं होती। ट्रंप ने कहा कि प्रभावशाली राष्ट्रपतियों को अक्सर अधिक धमकियों का सामना करना पड़ता है, जबकि कम प्रभाव वाले राष्ट्रपतियों को इस तरह की धमकियां कम मिलती हैं।
ईरान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर सख्त रुख
ट्रंप ने ईरान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े तनाव पर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका का इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर पूरा नियंत्रण है और अमेरिकी नौसेना की क्षमता की प्रशंसा की।
ईरान पर भरोसे से जुड़े सवाल के जवाब में ट्रंप ने साफ कहा कि उन्हें ईरान पर विश्वास नहीं है।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार की तारीफ
बातचीत की शुरुआत में ट्रंप ने अमेरिका की आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए शेयर बाजार और रोजगार से जुड़े आंकड़ों को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि देश अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और शेयर बाजार भी शानदार स्थिति में है।