दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 8 जुलाई 2026. पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और तेज करते हुए पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने जून माह के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए छह अलग-अलग ट्रैप मामलों में पांच सरकारी कर्मचारियों और एक निजी व्यक्ति को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई राज्य में पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
विजिलेंस ब्यूरो के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने के लिए ब्यूरो लगातार सक्रियता से काम कर रहा है। इसी क्रम में जून महीने के दौरान विभिन्न विभागों में रिश्वतखोरी की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ने में सफलता हासिल की गई।
प्रवक्ता के अनुसार, पिछले महीने विजिलेंस ब्यूरो ने 15 मामलों से संबंधित चालान विभिन्न सक्षम अदालतों में पेश किए। इसके अलावा 15 आरोपियों के खिलाफ 9 नए आपराधिक मामले दर्ज किए गए, जिनमें 13 सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। इससे स्पष्ट है कि भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जून माह के दौरान ब्यूरो द्वारा अदालत में लड़े गए एक रिश्वतखोरी मामले का फैसला भी आया, जिसमें छह आरोपियों को दोषी करार दिया गया। अदालत ने सभी दोषियों को पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई, साथ ही 27 हजार रुपये से 31 हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगाया।
विजिलेंस ब्यूरो ने दोहराया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उसकी मुहिम आगे भी इसी तरह जारी रहेगी और सरकारी पद का दुरुपयोग कर अवैध लाभ लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ब्यूरो ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे रिश्वतखोरी या भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जानकारी निडर होकर संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
राज्य में लगातार हो रही इन कार्रवाइयों को प्रशासनिक पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।