दैनिक खबरनामा ब्यूरो। वॉशिंगटन, 5 अगस्त: अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के निदेशक काश पटेल ने कहा है कि उन्होंने पिछले एक वर्ष में चीन और रूस के साथ कानून प्रवर्तन के क्षेत्र में नए साझेदारी संबंध स्थापित किए हैं। इन संबंधों का उद्देश्य फेंटेनाइल तस्करी, साइबर धोखाधड़ी, बच्चों के यौन शोषण और अन्य अंतरराष्ट्रीय अपराधों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई करना है।
पटेल के अनुसार, इन साझेदारियों के तहत चीनी कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने अमेरिका का दौरा किया है, जबकि एफबीआई एजेंट चीन जाकर मामलों की संयुक्त जांच और खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान में शामिल हुए हैं। इसके अलावा, दोनों देशों की एजेंसियों ने कुछ मामलों में संयुक्त छापेमारी और गिरफ्तारियां भी की हैं।
एफबीआई अधिकारियों के मुताबिक, पटेल जुलाई के अंत में बीजिंग की यात्रा से लौटे हैं और अक्टूबर में रूस की एक संभावित यात्रा की भी योजना बनाई जा रही है। एफबीआई के भीतर इन व्यवस्थाओं को “वर्किंग ग्रुप्स” के नाम से जाना जाता है।
हालांकि, इन नए संबंधों ने अमेरिकी खुफिया और प्रति-खुफिया समुदाय के कुछ अधिकारियों के बीच चिंता भी पैदा की है। उनका मानना है कि चीन और रूस जैसे देशों के साथ संवेदनशील सुरक्षा सूचनाओं को साझा करने से जोखिम बढ़ सकते हैं, क्योंकि अमेरिका लंबे समय से इन देशों को जासूसी और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में चुनौती मानता रहा है।
मई में एफबीआई, चीन के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय (एमपीएस) और दुबई पुलिस ने मिलकर “ऑपरेशन सैंड डॉलर” चलाया था। इस अभियान के दौरान दुबई में साइबर ठगी के एक बड़े केंद्र पर छापा मारा गया, जिसमें 300 लोगों को गिरफ्तार किया गया, 30 करोड़ डॉलर की संपत्ति जब्त की गई और मानव तस्करी के शिकार हजारों लोगों को मुक्त कराया गया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नियुक्त काश पटेल ने कहा कि इन संबंधों में मौजूद जोखिमों का सावधानीपूर्वक प्रबंधन किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “चीन और रूस कई मामलों में हमारे प्रतिद्वंद्वी हैं, लेकिन यदि इन संबंधों के जरिए अमेरिका को लाभ मिल सकता है और अंतरराष्ट्रीय अपराधों के खिलाफ सफलता हासिल की जा सकती है, तो संवाद और सहयोग आवश्यक है।”
पटेल ने बताया कि यह सहयोग 2025 में ट्रंप की चीन यात्रा के बाद शुरू हुआ और अब यह चार प्रमुख क्षेत्रों तक विस्तारित हो चुका है—साइबर धोखाधड़ी, बच्चों के खिलाफ हिंसक अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और फरार अपराधियों की तलाश।
उन्होंने कहा कि हर महीने चीन के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय के अधिकारी अमेरिका आते हैं और अगले महीने एफबीआई अधिकारी चीन जाते हैं। दोनों पक्षों के अधिकारियों के बीच अब लगभग प्रतिदिन संपर्क होता है, जो पहले कभी नहीं हुआ था।
पटेल ने स्पष्ट किया कि सूचना साझाकरण सीमित दायरे में और केवल उन अपराधों तक केंद्रित है, जहां दोनों पक्षों को समान लाभ मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन और रूस के साथ यह सहयोग अमेरिका के पारंपरिक सहयोगी देशों—कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और न्यूजीलैंड के “फाइव आइज” खुफिया गठबंधन—का विकल्प नहीं है।
पिछले महीने एशिया यात्रा के दौरान पटेल ने चीन के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री वांग शियाओहोंग और उप मंत्री शू दातोंग से मुलाकात की। चीनी सरकारी मीडिया ने इस बैठक को विभिन्न आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ “व्यावहारिक सहयोग” को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।