दैनिक खबरनामा। अंबाला, 20 अगस्त: बिजली की मांग लगातार बढ़ने और पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता घटाने के प्रयासों के बीच अंबाला अब सौर ऊर्जा का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। केंद्र सरकार की “प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना” के तहत जिले में घर-घर की छतों पर सोलर सिस्टम लगाए जा रहे हैं।
अब तक जिले में 6,891 घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। प्रशासन को 9,614 घरों में इस तरह के संयंत्र लगाने का लक्ष्य सौंपा गया है। मौजूदा आंकड़ों के हिसाब से अंबाला ने अपने लक्ष्य का 71.68 प्रतिशत पूरा कर लिया है।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के दायरे वाले 10 जिलों में रूफटॉप सोलर लगाने की रफ्तार में अंबाला दूसरे नंबर पर है। पहले स्थान पर कुरुक्षेत्र है, जहां 8,495 के तय लक्ष्य के मुकाबले 7,130 कनेक्शन हो चुके हैं और उपलब्धि 83.93 प्रतिशत दर्ज की गई है।
पूरे उत्तर हरियाणा क्षेत्र के लिए 31 मार्च 2027 तक एक लाख घरेलू रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से अब तक 51,940 सिस्टम लग चुके हैं, यानी करीब 52 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
सब्सिडी से बढ़ी भागीदारी
लोगों की रुचि बढ़ने की एक बड़ी वजह अनुदान है। योजना के तहत क्षमता के अनुसार केंद्रीय सहायता दी जा रही है — 1 किलोवाट पर 30,000 रुपये, 2 किलोवाट पर 60,000 रुपये और 3 किलोवाट या उससे अधिक पर अधिकतम 78,000 रुपये तक। इसके अलावा हरियाणा सरकार भी पात्र परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक मदद दे रही है।
प्रदेश और देश का लक्ष्य
हरियाणा सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश में 2.20 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य तय किया है। सरकार के अनुसार जून 2026 तक राज्य में लगभग 86,000 सिस्टम स्थापित किए जा चुके थे।
राष्ट्रीय स्तर पर भी सौर ऊर्जा में तेजी दिख रही है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 30 जून 2026 तक देश में कुल 1,62,152 मेगावाट सौर बिजली क्षमता स्थापित हो चुकी थी। इसमें से लगभग 30,110 मेगावाट क्षमता सिर्फ रूफटॉप सोलर से आ रही है।
अक्षय ऊर्जा दिवस के मौके पर अंबाला के ये आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि अब घरों की छतें केवल छाया देने तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि वे बिजली बनाने का जरिया भी बन गई हैं।