दैनिक खबरनामा । चंडीगढ़, 5 जुलाई: पंजाब में मिलावटी दूध पर लगाम कसने के लिए मान सरकार ने मोर्चा खोल दिया है। “शुद्ध दूध, तंदुरुस्त पंजाब” मुहिम के तहत राज्य सरकार ने आम लोगों के लिए एक टोल-फ्री शिकायत नंबर 1800-180-2202 शुरू किया है। इसके साथ ही दूध की क्वालिटी पर नजर रखने के लिए एक नोडल अफसर भी तैनात किया गया है, जो उपभोक्ताओं की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
शनिवार को पशुपालन, डेयरी विकास और मत्स्य पालन मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने जानकारी दी कि डेयरी विकास विभाग 1 अप्रैल 2026 से अब तक पूरे प्रदेश में 160 शिविर लगा चुका है। इन शिविरों में करीब 6000 दूध के सैंपल जांचे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मिलावटखोरी पर सख्ती बरतने के लिए विभाग मैदान स्तर पर लगातार काम कर रहा है।
मोबाइल लैब अब पहुंचेंगी घर तक
मंत्री ने बताया कि अभी प्रदेश में 4 मोबाइल जांच प्रयोगशाला वैन चल रही हैं, जिनका मकसद दूध की टेस्टिंग सेवा को लोगों के घर तक पहुंचाना है। आने वाले समय में बेड़े में 5 और नई वैन जोड़ी जाएंगी। साथ ही पंजाब के सभी जिला डेयरी विकास दफ्तरों में सुबह 9 से शाम 5 बजे तक मुफ्त जांच की सुविधा दी जा रही है। कोई भी नागरिक वहां जाकर अपने दूध की जांच करा सकता है।
सरकार ने लुधियाना स्थित गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी के सहयोग से 5000 पोर्टेबल दूध जांच किट भी बांटी हैं। इसके अलावा पशुपालन विभाग की वेटनरी पॉलीक्लिनिक और जागरूकता कार्यक्रमों के लिए 500 अतिरिक्त किटें मुहैया कराई गई हैं। इन किटों की मदद से मौके पर ही फैट, एसएनएफ और प्रोटीन की मात्रा मापी जा सकेगी। साथ ही यूरिया, स्टार्च और हाइड्रोजन पेरॉक्साइड जैसे 6 आम मिलावटी तत्वों का भी तुरंत पता लगाया जा सकेगा।
ईमानदार डेयरी किसानों को भी होगा फायदा
गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि नकली दूध न सिर्फ सेहत के लिए खतरनाक है, बल्कि ईमानदारी से काम करने वाले डेयरी किसानों की कमाई पर भी असर डालता है। इसलिए सरकार तकनीक और कड़ी निगरानी के जरिए हर स्तर पर दूध की शुद्धता पक्की करने के लिए संकल्पबद्ध है।
पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव राहुल भंडारी ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी जानकारी या शिकायत के लिए राज्य नोडल अधिकारी से 0172-5027285 पर संपर्क करें। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने में जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है।