दैनिक खबरनामा 10 अप्रैल 2026 हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस से बागी होकर भाजपा में शामिल हुए 6 पूर्व विधायकों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने अयोग्य घोषित किए गए इन विधायकों की विधानसभा पेंशन बहाल करने के आदेश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि पेंशन और बकाया राशि एक महीने के भीतर जारी की जाए, अन्यथा राज्य सरकार को 6% वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान करना होगा।यह मामला उस समय शुरू हुआ था जब विधानसभा अध्यक्ष द्वारा इन विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के बाद उनकी पेंशन रोक दी गई थी। हाईकोर्ट ने अपने 7 अप्रैल 2026 के आदेश में कहा कि विधानसभा द्वारा पारित संशोधन विधेयक को पूर्व प्रभाव से लागू नहीं किया जा सकता, बल्कि यह केवल भविष्य के लिए ही प्रभावी होगा।फैसले के बाद भाजपा ने सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता आशीष शर्मा ने कहा कि यह निर्णय सरकार की ‘बदले की राजनीति’ पर करारा प्रहार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने विपक्ष को दबाने और विरोध करने वालों को निशाना बनाने के उद्देश्य से कानून का दुरुपयोग किया।आशीष शर्मा ने कहा कि 2024 में लाया गया संशोधन बिल, जिसमें अयोग्य विधायकों की पेंशन रोकने का प्रावधान था, राजनीतिक द्वेष से प्रेरित था और बाद में सरकार को इसे वापस लेना पड़ा। 2026 में लाया गया नया संशोधन केवल भविष्य के विधायकों पर लागू किया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पहले का कदम गलत था।भाजपा ने इसे लोकतंत्र, संविधान और कानून के शासन की जीत बताते हुए कहा कि वह इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी और सरकार की नीतियों को उजागर करेगी।
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