दैनिक खबरनामा। शिमला, 8 जीन 2026: हिमाचल प्रदेश में हाल ही में गठित 192 नई ग्राम पंचायतों के सामने अपने कार्यालयों की व्यवस्था बड़ी चुनौती बनी हुई है। प्रदेश में पंचायतों की कुल संख्या बढ़कर 3,758 हो गई है, लेकिन इनमें से लगभग 300 पंचायतें ऐसी हैं जिनके पास अभी तक अपना पंचायत भवन नहीं है।
पंचायती राज विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि नई पंचायतें अपने भवन बनने तक सामुदायिक केंद्रों, युवक मंडल या महिला मंडल के भवनों में ग्राम सभा और अन्य प्रशासनिक गतिविधियां संचालित कर सकती हैं। जिन क्षेत्रों में ऐसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, वहां पंचायतें उन मूल पंचायतों के भवनों का उपयोग करेंगी, जिनसे उनका गठन हुआ है। इसी व्यवस्था के तहत नई पंचायतों की पहली ग्राम सभा भी पुराने पंचायत घरों में आयोजित की जाएगी।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि निजी भवनों को किराये पर लेने पर सरकार या विभाग की ओर से किसी प्रकार का किराया नहीं दिया जाएगा। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति या संस्था स्वेच्छा से निश्शुल्क भवन उपलब्ध करवाती है, तो उसके उपयोग पर कोई रोक नहीं होगी।
गौरतलब है कि पूर्व जयराम सरकार के कार्यकाल में गठित 108 पंचायतों के पास भी आज तक अपने पंचायत भवन नहीं हैं। कई स्थानों पर भवन निर्माण के लिए भूमि चयन को लेकर स्थानीय स्तर पर सहमति नहीं बन सकी, जिसके कारण पंचायत घरों का निर्माण वर्षों से लंबित पड़ा हुआ है।
ऐसे में नई पंचायतों के गठन के बाद भवनों की उपलब्धता और आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था सरकार और पंचायत विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बनकर उभरी है।