दैनिक खबरनामा। शिमला, 4 जून 2026: हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए राज्य के सभी ग्रीष्मकालीन (समर) और शीतकालीन (विंटर) अवकाश वाले विद्यालयों में बोर्ड कक्षाओं को छोड़कर अन्य सभी कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं दिसंबर माह में आयोजित करने का निर्णय लिया है। अभी तक शीतकालीन स्कूलों में परीक्षाएं नवंबर-दिसंबर में जबकि ग्रीष्मकालीन स्कूलों में मार्च में आयोजित की जाती थीं।
यह निर्णय बुधवार को शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में लिया गया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था से पूरे प्रदेश में शैक्षणिक गतिविधियों में एकरूपता आएगी।
148 सरकारी स्कूलों को मिली सीबीएसई संबद्धता
शिक्षा मंत्री ने बताया कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में राज्य के 148 सरकारी विद्यालयों को सीबीएसई संबद्धता प्राप्त हो चुकी है। भविष्य में और अधिक सरकारी स्कूलों को सीबीएसई पाठ्यक्रम से जोड़ा जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिल सकें।
कॉलेजों में शुरू होंगे अप्रेंटिसशिप आधारित डिग्री और विदेशी भाषा पाठ्यक्रम
सरकार स्नातक विद्यार्थियों के लिए अप्रेंटिसशिप समाहित डिग्री कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। इसके तहत छात्रों को विभिन्न उद्योगों में कार्य करने का अवसर मिलेगा और उन्हें स्टाइपेंड भी प्रदान किया जाएगा। इससे कौशल विकास के साथ रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी।
इसके अलावा महाविद्यालयों में विदेशी भाषाओं के पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे। बी-वोक (B.Voc) पाठ्यक्रमों की सफलता के बाद सरकार चार नए कौशल आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रही है।
मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि लागू करने के निर्देश
बजट घोषणा के अनुरूप शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत एसएमसी अध्यापकों, मिड-डे मील कर्मियों, जलवाहकों, कंप्यूटर शिक्षकों और बहुउद्देशीय कर्मियों के मानदेय में 500 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की गई है। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को बढ़ा हुआ मानदेय शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए।
खराब परिणाम देने वाले शिक्षकों पर होगी कार्रवाई
बैठक में 10वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणामों की समीक्षा भी की गई। शिक्षा मंत्री ने कहा कि परिणामों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा और जवाबदेही तय की जाएगी। लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों की वार्षिक वेतनवृद्धि (इंक्रीमेंट) रोकी जा सकती है।
बायोमीट्रिक हाजिरी नहीं लगाने पर कटेगा वेतन
बार-बार निर्देश जारी किए जाने के बावजूद बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं कराने वाले कर्मचारियों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ वेतन कटौती जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
एसएमसी और पीजीटी पदों पर भर्ती प्रक्रिया होगी तेज
शिक्षा मंत्री ने बताया कि विभिन्न श्रेणियों के 1,131 एसएमसी शिक्षकों की नियुक्तियां एलडीआर के माध्यम से की जा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त 714 पीजीटी और 102 डीपीई पदों के लिए एलडीआर प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। कंप्यूटर शिक्षकों से जुड़े मामलों में आवश्यक नियम संशोधन भी किए जाएंगे।
बागवानी शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
विद्यालयों में बागवानी विषय को व्यावसायिक शिक्षा के रूप में शुरू किया जा चुका है। सरकार विशेष रूप से बागवानी प्रधान क्षेत्रों में इस कार्यक्रम का विस्तार करने की योजना बना रही है।
उपनिदेशक पदोन्नति और स्कूल पुनर्निर्माण पर जोर
शिक्षा मंत्री ने विभाग को उपनिदेशक पदों के लिए विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए। वहीं, वर्ष 2023 और 2025 की आपदाओं में क्षतिग्रस्त विद्यालयों के पुनर्निर्माण एवं मरम्मत कार्यों के लिए लोक निर्माण विभाग और हिमुडा को 19 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
विद्यार्थी ऋण योजना को बनाया जाएगा और सरल
बैठक में डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना की भी समीक्षा की गई। इस योजना के तहत विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। शिक्षा मंत्री ने योजना की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने के निर्देश दिए।
पीजीआई 2.0 में बेहतर प्रदर्शन पर विभाग को बधाई
शिक्षा मंत्री ने शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2.0 में हिमाचल प्रदेश के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर शिक्षा विभाग, समग्र शिक्षा और शिक्षक समुदाय को बधाई दी।
बैठक में सचिव शिक्षा राकेश कंवर, समग्र शिक्षा के परियोजना निदेशक राजेश शर्मा, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. हरीश कुमार अवस्थी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।