दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 6 जून : होशियारपुर जिले के टांडा में कांग्रेस कार्यकर्ता अर्शदीप सिंह की आम आदमी पार्टी के चुनाव चिन्ह ‘झाड़ू’ की कथित ‘बेअदबी’ के आरोप में गिरफ्तारी के विरोध में शनिवार को पंजाब भर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किए। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों पर प्रतीकात्मक रूप से झाड़ुओं को खोलकर अपना विरोध दर्ज कराया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि एक साधारण राजनीतिक विरोध को आधार बनाकर पार्टी कार्यकर्ता के खिलाफ कार्रवाई करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार और पंजाब पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी भी की।
इससे पहले पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अर्शदीप सिंह की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए इसे पंजाब पुलिस की “तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई” करार दिया। उन्होंने कहा कि केवल झाड़ू को खोलने जैसे प्रतीकात्मक विरोध के कारण किसी कार्यकर्ता को गिरफ्तार करना इस बात का संकेत है कि आम आदमी पार्टी की सरकार राजनीतिक आलोचना को लेकर असुरक्षित महसूस कर रही है।

वड़िंग ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने अपने चुनाव चिन्ह की कथित बेअदबी को लेकर तत्काल कार्रवाई की, लेकिन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के मामलों में न्याय दिलाने के अपने वादे को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने याद दिलाया कि आप नेताओं ने सत्ता में आने से पहले 24 घंटे के भीतर न्याय दिलाने का दावा किया था, लेकिन चार वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद इन मामलों में कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्यभर में प्रदर्शन करने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए अर्शदीप सिंह के साथ एकजुटता जताई। उन्होंने कहा कि विपक्षी आवाजों को दबाने के प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं हैं और कांग्रेस ऐसे मामलों के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी।
वड़िंग ने अपने बयान में कहा कि झाड़ू को खोलने का प्रतीकात्मक अभियान केवल शुरुआत है और आने वाले समय में जनता लोकतांत्रिक तरीके से अपना फैसला सुनाएगी। उन्होंने दावा किया कि पंजाब की जनता आम आदमी पार्टी की नीतियों से निराश है और आगामी चुनावों में इसका असर दिखाई देगा।
कांग्रेस के राज्यव्यापी प्रदर्शन के बाद यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है, जबकि पार्टी ने संकेत दिए हैं कि यदि अर्शदीप सिंह के खिलाफ कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो विरोध आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।