दैनिक खबरनामा| चंडीगढ़, 18 जून 2026. पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने देश में जहरीली शराब की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए मेथनॉल (मिथाइल अल्कोहल) के आयात, भंडारण, परिवहन और बिक्री को नियंत्रित करने हेतु केंद्र सरकार से तत्काल विशेष केंद्रीय कानून बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत कानूनी ढांचे की आवश्यकता है।

चंडीगढ़ में आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि देश में इस्तेमाल होने वाला लगभग 90 प्रतिशत मेथनॉल विदेशों से आयात किया जाता है और यह कई राज्यों से होकर अपने औद्योगिक उपभोक्ताओं तक पहुंचता है। ऐसे में इसकी निगरानी किसी एक राज्य के अधिकार क्षेत्र से बाहर है और इसके लिए केंद्र स्तर पर व्यापक कानून की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि मेथनॉल की ऑनलाइन बिक्री भी गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों पर यह रसायन बिना पर्याप्त पहचान और दस्तावेजी सत्यापन के उपलब्ध है, जिससे इसके दुरुपयोग की आशंका बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर संचालित ऑनलाइन आपूर्ति श्रृंखला को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय कानून ही प्रभावी माध्यम हो सकता है।

वित्त मंत्री ने कहा कि वर्तमान में मेथनॉल से जुड़े नियम विभिन्न पुराने कानूनों में बिखरे हुए हैं, जिनमें पॉइज़न्स एक्ट 1919, पेट्रोलियम एक्ट 1934 और ज्वलनशील पदार्थ अधिनियम 1952 शामिल हैं। ये कानून आधुनिक समय की चुनौतियों और मेथनॉल के दुरुपयोग की रोकथाम के लिए पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ते उत्पादन और उपयोग को देखते हुए एक आधुनिक ट्रैकिंग प्रणाली और खरीदार पंजीकरण व्यवस्था की जरूरत है।

हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार को पांच सूत्रीय प्रस्ताव भेजे हैं। इनमें विशेष केंद्रीय कानून बनाना, बंदरगाह से अंतिम उपभोक्ता तक राष्ट्रीय ट्रैकिंग प्रणाली लागू करना, ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों के माध्यम से गैर-पंजीकृत खरीदारों को बिक्री पर रोक लगाना, अवैध शराब में मेथनॉल के इस्तेमाल पर कड़े दंड का प्रावधान करना तथा केंद्रीय वाणिज्य मंत्री की अध्यक्षता में सभी राज्यों के आबकारी मंत्रियों की बैठक बुलाना शामिल है।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य स्तर पर भी पॉइज़न्स एक्ट और संबंधित नियमों के तहत कड़ी निगरानी, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और मजबूत प्रवर्तन सुनिश्चित कर रही है। वित्त मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस महत्वपूर्ण जन सुरक्षा मुद्दे पर केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जाए, ताकि देशभर में मेथनॉल की निगरानी और नियंत्रण के लिए प्रभावी व्यवस्था स्थापित की जा सके।

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