दैनिक खबरनामा। नई दिल्ली, 14 अगस्त: केंद्र सरकार ने आगामी जनगणना की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। जनसंख्या गणना के दूसरे चरण के लिए सरकार ने 40 बिंदुओं वाली प्रश्नावली को अधिसूचित कर दिया है।
इस बार की गणना कई वजहों से खास मानी जा रही है। स्वतंत्र भारत में पहली बार जनगणना के दौरान जातिगत आंकड़े भी दर्ज किए जाएंगे। साथ ही यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपन्न होगी, जिससे देश के जनसांख्यिकीय आंकड़ों का एक नया और विस्तृत डेटाबेस तैयार किया जाएगा।
कब शुरू होगी गणना?
पहाड़ों वाले क्षेत्रों से इसकी शुरुआत होगी। लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फीले इलाकों में गणना 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 के बीच की जाएगी।
इससे पहले आम लोगों को स्वयं जानकारी देने का मौका मिलेगा। 17 अगस्त से 31 अगस्त तक घर बैठे ऑनलाइन फॉर्म भरकर विवरण जमा किया जा सकेगा।
देश के बाकी हिस्सों में जनगणना अगले साल से शुरू होने की योजना है।
कुल 40 तरह की जानकारी मांगी जाएगी
जारी अधिसूचना के अनुसार, हर व्यक्ति से निम्न बिंदुओं पर जानकारी ली जाएगी:
1. पूरा नाम
2. परिवार के मुखिया से रिश्ता
3. लिंग – पुरुष, महिला या अन्य
4. जन्मतिथि और सालों में आयु
5. वैवाहिक स्थिति
6. शादी के समय आयु
7. जीवनसाथी का नाम
8. घोषित राष्ट्रीयता
9. धर्म
10. वर्ग – क्या आप अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य वर्ग से हैं
11. पिता का नाम और विवरण
12. माता का नाम और विवरण
13. कोई दिव्यांगता है या नहीं
14. मातृभाषा और अन्य ज्ञात भाषाएं
15. पढ़ने-लिखने की स्थिति और डिजिटल साक्षरता
16. क्या आप अभी किसी स्कूल या कॉलेज में पढ़ रहे हैं
17. सबसे ऊंची शैक्षिक योग्यता और विषय
18. पिछले एक साल में कोई आर्थिक कार्य किया या नहीं
19. आर्थिक गतिविधि का प्रकार
20. मुख्य व्यवसाय या पेशा
21. उद्योग या सेवा का क्षेत्र
22. काम की श्रेणी – नियोक्ता, कर्मचारी, स्वरोजगार आदि
23. यदि नौकरी या कारोबार नहीं है तो दिनभर का मुख्य काम
24. यदि बेरोजगार हैं तो क्या काम की तलाश कर रहे हैं
25. कार्यस्थल तक आने-जाने का साधन और दूरी
26. जन्म स्थान
27. पिछला निवास स्थान
28. स्थान बदलने का कारण
29. वर्तमान स्थान पर रहने की अवधि
30. स्थायी पता
31. जीवित बच्चों की संख्या – केवल विवाहित, विधवा, तलाकशुदा महिलाओं से
32. कुल जीवित जन्मे बच्चों की संख्या – केवल विवाहित, विधवा, तलाकशुदा महिलाओं से
33. पिछले एक साल में जन्मे बच्चों की संख्या – केवल विवाहित महिलाओं से
34. कोविड-19 का टीका कहां लगवाया था
35. कुल बैंक खातों की संख्या
36. मोबाइल नंबर – यदि हो
37. आधार नंबर – यदि हो
38. वोटर आईडी नंबर – यदि हो
39. पासपोर्ट नंबर – यदि भारतीय पासपोर्ट है
40. ड्राइविंग लाइसेंस है या नहीं
सरकार का कहना है कि डिजिटल प्रक्रिया से आंकड़े तेजी से और सटीकता से एकत्र किए जा सकेंगे। इससे नीति निर्माण और सरकारी योजनाओं को जमीन तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।