दैनिक खबरनामा | पठानकोट, 8 जुलाई 2026. पंजाब सरकार ने कंडी क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत देते हुए सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गाेयल ने शाहपुरकंडी में नव-निर्मित दो वाटर चैनलों का उद्घाटन करते हुए कहा कि अब किसानों को सिंचाई के लिए सीधे नहरी पानी उपलब्ध होगा, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और भूजल पर निर्भरता कम होगी।

अपने दौरे के दौरान कैबिनेट मंत्री ने रंजीत सागर डैम, शाहपुरकंडी डैम तथा माधोपुर हैडवर्क्स का निरीक्षण कर पिछले वर्ष आई बाढ़ के बाद किए गए पुनर्निर्माण और विकास कार्यों की समीक्षा भी की।

पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार नहरी सिंचाई के विस्तार, किसानों की आय बढ़ाने और भूजल संरक्षण के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि शाहपुरकंडी डैम परियोजना शुरू होने के बाद क्षेत्र में नहरी पानी पहुंचने से कंडी बेल्ट के किसानों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है।

उन्होंने जानकारी दी कि पहले लगभग 6,900 एकड़ भूमि को लिफ्ट सिंचाई के माध्यम से पानी मिलता था, लेकिन यह व्यवस्था लंबे समय से बंद पड़ी थी। अब शाहपुरकंडी चैनल नंबर-3 और 4 के पुनर्निर्माण से अतिरिक्त 6,000 एकड़ भूमि को सिंचाई के दायरे में लाया गया है। इसके परिणामस्वरूप करीब 13,000 एकड़ क्षेत्र में नहरी पानी उपलब्ध होने लगा है।

करीब 25 किलोमीटर लंबी इन चैनलों की कंक्रीट लाइनिंग और पुनर्निर्माण पर लगभग 38 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस परियोजना से जुगियाल, माधोपुर, रानीपुर समेत 15 गांवों की पथरीली और बंजर भूमि खेती योग्य बनी है तथा वर्षों बाद इन क्षेत्रों में नहरी पानी से खेती संभव हो सकी है।

बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि सरकार ने जो वादा कंडी क्षेत्र तक नहरी पानी पहुंचाने का किया था, उसे पूरी तरह पूरा कर दिखाया है। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल किसानों के लिए राहत नहीं है, बल्कि पंजाब के तेजी से गिरते भूजल स्तर को बचाने की दिशा में भी एक ऐतिहासिक कदम है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने हजारों किलोमीटर नहरों और खालों के निर्माण तथा मरम्मत के जरिए सिंचाई नेटवर्क को मजबूत किया है। पहले पंजाब के हिस्से के पानी का केवल 26 प्रतिशत उपयोग सिंचाई के लिए हो पाता था, जो अब बढ़कर लगभग 80 प्रतिशत तक पहुंच गया है। सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 86 प्रतिशत तक ले जाना है।

बाढ़ सुरक्षा उपायों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष आई भीषण बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में सभी आवश्यक मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कार्य पूरे कर लिए गए हैं। माधोपुर हेडवर्क्स पर सुरक्षा बांधों का निर्माण, गेटों का आधुनिकीकरण और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों पर लगभग 50 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके अलावा 17 किलोमीटर लंबे वाटर कोर्सों की लाइनिंग पर 3.61 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं, जिससे पानी की बचत और अंतिम छोर तक उसकी उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।

बरसात के मौसम को लेकर लोगों को आश्वस्त करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार ने संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम पूरे कर लिए हैं। संवेदनशील और कमजोर स्थानों पर सुरक्षा कार्य पहले ही संपन्न किए जा चुके हैं, इसलिए लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसानों के हितों, जल संरक्षण और सुरक्षित सिंचाई व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विकास कार्यों को निरंतर आगे बढ़ा रही है।

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