दैनिक खबरनामा चंडीगढ़, 31 मार्च 2026 भारत में किफायती पीडियाट्रिक कार्डियक केयर की कमी के बीच कसौली रिद्म एंड ब्लूज़ फेस्टिवल (Kasauli Rhythm & Blues Festival – K.R.B.F.) का 10वां एडिशन 3 और 4 अप्रैल 2026 को कसौली स्थित बैकुंठ रिज़ॉर्ट में आयोजित किया जाएगा। इस खास मौके पर जेनेसिस फाउंडेशन अपने 25 साल पूरे कर रहा है, जो जन्मजात हृदय रोग (Congenital Heart Defects CHD) से पीड़ित गंभीर रूप से बीमार और जरूरतमंद बच्चों के इलाज में सहायता करता आ रहा है।साल 2012 में शुरू हुआ यह फेस्टिवल अब एक मजबूत सामाजिक मंच बन चुका है, जो कलाकारों, समुदायों और सहयोगियों को एक साथ लाकर एक नेक उद्देश्य के लिए काम करता है। इस फेस्टिवल से प्राप्त पूरी राशि बच्चों की सर्जरी, कैथेटर-बेस्ड उपचार और ऑपरेशन के बाद की देखभाल पर खर्च की जाती है।पिछले 25 वर्षों में जेनेसिस फाउंडेशन ने देशभर में 5400 से अधिक गंभीर रूप से बीमार बच्चों के इलाज में सहयोग दिया है। फाउंडेशन ने समय पर जांच, इलाज और रिकवरी के लिए अस्पतालों और विशेषज्ञ डॉक्टरों का मजबूत नेटवर्क तैयार किया है। जन्मजात हृदय दोष भारत में सबसे आम जन्म विकारों में से एक है, जिसका समय पर इलाज बेहद जरूरी होता है, लेकिन कम आय वाले परिवारों के लिए यह इलाज अक्सर संभव नहीं हो पाता।जेनेसिस फाउंडेशन के फाउंडर ट्रस्टी ज्योति सागर ने कहा,
“समय पर इलाज मिलने से इन बच्चों की जान बचाई जा सकती है। के.आर.बी.एफ हमारे लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जिसके जरिए हम जरूरतमंद परिवारों तक मदद पहुंचाते हैं। 25 साल की इस यात्रा और 10वें एडिशन के अवसर पर हम इस मिशन को और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”इस वर्ष फेस्टिवल में इंडियन ओशन, निर्मला कानन, शमाजी एंड द हैप्पी फैक्ट्री, प्रिंस, मनसा जिम्मी, श्रेय टंडन, ट्रू ब्लू और संजीता भट्टाचार्य जैसे कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।यह फेस्टिवल सिर्फ फंडरेजिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा मंच है जहां लोग सामाजिक बदलाव की पहल का हिस्सा बनते हैं। टिकट से होने वाली पूरी आय जरूरतमंद बच्चों के इलाज में लगाई जाती है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियों से निपटने में सामूहिक प्रयास को बल मिलता है।
2026 का यह एडिशन ‘1842 कसौली’ (स्केप्स हॉस्पिटैलिटी) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, जो सस्टेनेबिलिटी, विरासत संरक्षण और जिम्मेदार विकास के सिद्धांतों पर आधारित है।
स्केप्स हॉस्पिटैलिटी के फाउंडर एवं प्रमोटर समीर मुतरेजा ने कहा,
“यह फेस्टिवल उद्देश्य, समुदाय और जिम्मेदारी का प्रतीक है। हमें इस अभियान से जुड़कर गर्व हो रहा है, जो न केवल जागरूकता बढ़ाता है बल्कि वास्तविक बदलाव भी लाता है।ईस्टर वीकेंड पर आयोजित होने वाला यह फेस्टिवल दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों से लोगों को आकर्षित करता है। यह मनोरंजन के साथ-साथ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर भी प्रदान करता है।फेस्टिवल के टिकट बुकमायशो के माध्यम से उपलब्ध हैं। 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रवेश निशुल्क है। हालांकि टिकट में यात्रा, ठहरने और भोजन का खर्च शामिल नहीं है।