दैनिक खबरनामा । लखनऊ 22 जून : राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित आवासीय क्षेत्र में बनी एक तिमंजिला अवैध व्यावसायिक इमारत में सोमवार को लगी भीषण आग में 18 लोगों की मौत के बाद शासन सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। हादसे में कई लोगों की झुलसने और दम घुटने से मौत हुई, जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चस्तरीय बैठक कर घटना की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। जांच दल में अपर मुख्य सचिव (पर्यटन, धर्मार्थ कार्य एवं संस्कृति) अमृत अभिजात तथा अपर पुलिस महानिदेशक (लखनऊ जोन) प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। एसआईटी को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित इस अग्निकांड के संबंध में अलीगंज थाने में तहरीर दी गई है, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तहरीर में वीरेंद्र शुक्ला, सुरेंद्र शुक्ला और धीरेंद्र शुक्ला को नामजद किया गया है। वीरेंद्र शुक्ला को रामेश्वरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का संचालक बताया जा रहा है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री के कड़े रुख को देखते हुए हादसे वाली अवैध इमारत पर बुलडोजर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा फायर विभाग, विद्युत सुरक्षा विभाग, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) और नगर निगम के उन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी, जिनकी लापरवाही इस हादसे के लिए जिम्मेदार पाई जाती है।
सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति या विभाग को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।