दैनिक खबरनामा 28 मार्च 2026 अक्सर कहा जाता है कि कानून सबके लिए बराबर होता है, लेकिन इसे व्यवहार में निभाना हर किसी के बस की बात नहीं होती। पंजाब के लुधियाना से एक ऐसी ही प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है, जहां ट्रैफिक पुलिस के एसीपी गुरदेव सिंह ने अपनी ईमानदारी से यह साबित कर दिया कि नियम रिश्तों से ऊपर होते हैं।दरअसल, साल 2021 में उनकी बेटी की गाड़ी गलत तरीके से पार्क होने के कारण ट्रैफिक पुलिस ने टो कर ली थी। रात करीब 8:30 बजे जब गाड़ी टो हुई, तो उनकी बेटी ने फोन कर उनसे मदद मांगी। उस समय गुरदेव सिंह ट्रैफिक एसीपी के पद पर तैनात थे।बेटी की बात सुनने के बाद उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस मामले में उनका कोई रोल नहीं है और उसे नियमों के तहत चालान भरना होगा। उन्होंने बेटी से कहा कि वह अपनी पॉकेट मनी से चालान भरे और गाड़ी छुड़वाए। इसके बाद उनकी बेटी ने कैब लेकर पुलिस लाइन पहुंचकर पूरी प्रक्रिया खुद पूरी की।हाल ही में खालसा कॉलेज में छात्रों से बातचीत के दौरान गुरदेव सिंह ने यह किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी आज भी उस चालान को संभाल कर रखती है और मजाक में कहती है कि “आपके होते हुए भी मेरा चालान हुआ था।”इस पर गुरदेव सिंह ने उसे समझाया कि अगर वह भविष्य में कोई गंभीर गलती करती है, तो वह उसके लिए कानून से समझौता नहीं कर सकते।31 मार्च को रिटायर होने जा रहे गुरदेव सिंह की यह कहानी न सिर्फ पुलिस विभाग बल्कि आम लोगों के लिए भी एक मजबूत संदेश है कि कानून के आगे कोई बड़ा या छोटा नहीं होता।
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