दैनिक खबरनामा 1 मई 2026 मजदूर दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार आज विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित कर रही है, जिसे मजदूरों और कारीगरों को समर्पित बताया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हो रहे इस सत्र में सरकार बागी सांसदों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव और अपनी ताकत दिखाने के लिए विश्वास प्रस्ताव ला सकती है। सत्र के दौरान प्रश्नकाल नहीं रखा गया है और आम आदमी पार्टी ने अपने सभी विधायकों को सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है।सत्र से पहले मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक भी बुलाई गई है। भगवंत मान ने कहा कि यह विशेष सत्र देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में अहम योगदान देने वाले मजदूरों और कारीगरों को समर्पित है। उन्होंने बताया कि मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों को सदन में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है और मनरेगा योजना में हुए बदलावों के प्रभाव पर भी चर्चा होगी।वहीं, सरकार के संभावित विश्वास प्रस्ताव को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने तंज कसते हुए कहा कि जब सरकार खुद ही कह रही है कि उसे कोई खतरा नहीं है, तो विश्वास प्रस्ताव लाने की क्या जरूरत है। उन्होंने इसे सरकार द्वारा खुद को आश्वस्त करने की कोशिश बताया।पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार मजदूरों के प्रति ईमानदार नहीं है और यह विशेष सत्र केवल ध्यान भटकाने की रणनीति है। वड़िंग ने दावा किया कि राज्य में मनरेगा का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है और बड़ी संख्या में मजदूरों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा।इधर, भारतीय जनता पार्टी ने भी सरकार के सत्र के समानांतर “जनता दी विधानसभा” नाम से अलग सत्र आयोजित करने का ऐलान किया है। यह कार्यक्रम चंडीगढ़ के सेक्टर-37 में आयोजित होगा, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, अश्वनी शर्मा, तरुण चुघ, रवनीत बिट्टू और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। भाजपा का कहना है कि इस मंच पर कानून-व्यवस्था, कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते और अन्य जन मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।कुल मिलाकर, मजदूर दिवस पर बुलाया गया यह विशेष सत्र राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जा रहा है, जहां एक ओर सरकार अपनी मजबूती दिखाने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक रणनीति करार दे रहा है।