दैनिक खबरनामा। मोहाली, 22 जुलाई: बकरियों के कारोबार से जुड़े 40 हजार रुपये के हिसाब-किताब को लेकर हुए विवाद में साथी की हत्या कर शव के टुकड़े कर देने के मामले में मोहाली की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मुख्य आरोपी को उम्रकैद की सजा के साथ एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज विक्रांत कुमार की कोर्ट ने जागीर सिंह उर्फ घोला को हत्या का दोषी माना। 17 जुलाई को दोषी करार दिए जाने के बाद बुधवार को सजा सुनाई गई। सजा तय करने से पहले दोनों पक्षों की बहस सुनी गई। इस केस में सरकार की तरफ से डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटार्नी हरदीप सिंह रोमाना ने पैरवी की। अदालत ने मृतक की पत्नी को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण यानी डीएलएसए के जरिए मुआवजा दिलाने की भी सिफारिश की है।
वहीं सबूतों के अभाव में कोर्ट ने इस मामले के दो अन्य नामजद सतनाम सिंह उर्फ सनी और देशराज उर्फ देसा को बरी कर दिया।
क्या था पूरा मामला
अभियोजन के मुताबिक घटना 12 जून 2021 की है। सिसवां गांव में जागीर सिंह और सुच्चा सिंह साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान बकरियों की खरीद-बिक्री से जुड़े 40 हजार रुपये के लेनदेन पर कहासुनी शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ी कि गुस्से में जागीर सिंह ने तलवार से वार कर सुच्चा सिंह का सिर धड़ से अलग कर दिया। हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने की कोशिश की। उसने धड़ को तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सिसवां स्थित फार्महाउस के पास जमीन में दबा दिया और सिर को किसी दूसरी जगह फेंक दिया।
कुत्ते की वजह से खुला राज
इस हत्याकांड का खुलासा 21 जून 2021 को हुआ। मृतक का पालतू कुत्ता लगातार परिवार वालों को एक खास जगह ले जा रहा था। कुत्ते के व्यवहार पर शक हुआ तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने वहां खुदाई करवाई तो बिना सिर वाला शव मिला। जांच में पुलिस ने जागीर सिंह को गिरफ्तार किया और पूरे मामले का पर्दाफाश किया।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मुख्य आरोपी के खिलाफ हत्या साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत पेश किए गए। इसलिए उसे कड़ी सजा दी गई।