दैनिक खबरनामा 13 अप्रैल 2026 मोहाली के खरड़ स्थित सुख सेवा मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस मामले में अस्पताल की मालिक डॉ. मनप्रीत कौर सहित तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जबकि दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, एसडीएम खरड़ के निर्देश पर सिविल सर्जन मोहाली द्वारा गठित मेडिकल टीम ने रविवार रात करीब 9 बजे अस्पताल में छापा मारा। टीम में विभिन्न स्वास्थ्य अधिकारियों और डॉक्टरों को शामिल किया गया था। जांच के दौरान अस्पताल के आईसीयू में दो मरीज मिले, जिनकी किडनी का संदिग्ध परिस्थितियों में प्रत्यारोपण किया गया था।हैरानी की बात यह रही कि दोनों मरीज बिना किसी डॉक्टर या मेडिकल स्टाफ की निगरानी के भर्ती पाए गए। मरीजों के साथ मौजूद दो व्यक्तियों ने खुद को अस्पताल कर्मचारी बताया, लेकिन उनके पास कोई वैध पहचान पत्र नहीं था। मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें तुरंत पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ रेफर किया गया।पुलिस जांच में सामने आया कि अंगदाता और रिसीवर के साथ मौजूद संदिग्धों की पहचान गुजरात निवासी महेंद्र कुमार मनसुखभाई पटेल और राजस्थान निवासी राकेश कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान दोनों संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।प्रारंभिक जांच में यह मामला मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994 की धाराओं 19 और 20 के तहत अपराध पाया गया है। पुलिस ने महेंद्र कुमार, राकेश कुमार और अस्पताल की मालिक डॉ. मनप्रीत कौर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।एसएचओ सिटी खरड़ अमरेंद्र सिंह ने बताया कि यह एक संगठित किडनी रैकेट होने की आशंका है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें संयुक्त रूप से पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी हुई हैं।