जिला मुख्यालयों पर निकाले गए विरोध मार्च, प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री के पुतले फूंके
दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 2 जून। नीट परीक्षा के कथित पेपर लीक और सीबीएसई की कार्यप्रणाली में गंभीर खामियों को लेकर पंजाब कांग्रेस ने मंगलवार को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं, विद्यार्थियों और युवाओं ने विरोध मार्च निकालकर धरना-प्रदर्शन किया तथा केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पुतले भी फूंके गए। कांग्रेस नेताओं ने नीट परीक्षा में बार-बार सामने आ रही अनियमितताओं के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की।
लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, पटियाला, बठिंडा समेत राज्य के विभिन्न शहरों और कस्बों में आयोजित प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ विद्यार्थियों और युवाओं ने भी भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि देशभर में लगभग 22 लाख विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा दी थी, लेकिन बाद में प्रश्नपत्र लीक होने की जानकारी सामने आई। उन्होंने कहा कि यह दूसरी बार है जब नीट परीक्षा को लेकर ऐसे गंभीर आरोप लगे हैं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
वड़िंग ने कहा कि वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के लिए यह स्थिति बेहद निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा आयोजित किए जाने से छात्रों पर मानसिक और शैक्षणिक दबाव बढ़ता है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचाने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि लगातार विफलताओं के बावजूद उन्हें पद पर क्यों बनाए रखा गया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े ऐसे गंभीर मामलों में जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने की मांग करते हुए कहा कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के संचालन के लिए पूरी तरह पारदर्शी, विश्वसनीय और जवाबदेह व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, ताकि लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ न हो।
वड़िंग ने सीबीएसई की ऑनलाइन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली में कथित खामियों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रणाली के संचालन के लिए नियुक्त कंपनी कोएमप्ट एडुटेक के पास पर्याप्त अनुभव और विशेषज्ञता नहीं है, जिसके कारण मूल्यांकन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
उन्होंने दावा किया कि कंपनी को नियमों में बदलाव कर विशेष रियायतें दी गईं, जबकि उसे पहले तेलंगाना सरकार द्वारा ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था। वड़िंग ने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो पार्टी भविष्य में भी अपना आंदोलन जारी रखेगी।
