दैनिक खबरनामा 29 अप्रैल 2026 पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी इस समय गंभीर राजनीतिक संकट का सामना कर रही है। सात राज्यसभा सांसदों के बगावती रुख अपनाकर पार्टी छोड़ने और भाजपा में शामिल होने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। इस स्थिति को संभालने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद मोर्चा संभाल लिया है।इसी कड़ी में पार्टी ने एक अहम बैठक बुलाई है, जिसमें करीब एक हजार पर्यवेक्षक, विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य विधायकों को एकजुट रखना, कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना और यह संदेश देना है कि पार्टी अभी भी मजबूत है।मौजूदा हालात में पार्टी को सत्ता से ज्यादा संगठन बचाने की चिंता सता रही है। बैठक में पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया और नेता संजय सिंह भी मौजूद रहेंगे, जिन्हें हालात संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों नेताओं को असंतुष्ट कार्यकर्ताओं से संवाद बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने का दायित्व सौंपा गया है।सूत्रों के अनुसार, विधायकों और नेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई उन्हें पार्टी छोड़ने के लिए संपर्क करता है तो तुरंत इसकी जानकारी नेतृत्व को दें। इससे साफ है कि पार्टी को अंदरूनी टूट का डर है।इस संकट की शुरुआत राघव चड्ढा के बयान के बाद मानी जा रही है, जब उन्होंने बड़े घटनाक्रम की आशंका जताई थी। इसके बाद सात सांसदों के एक साथ पार्टी छोड़ने से हड़कंप मच गया।विश्लेषकों का मानना है कि यह समय AAP के लिए बड़ी परीक्षा है। यदि पार्टी संगठन को संभालने में सफल रहती है तो यह मुख्यमंत्री मान के नेतृत्व की बड़ी जीत होगी, अन्यथा इसका असर आगामी चुनावों पर पड़ सकता है।