दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 05 अगस्त 2026. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में बुधवार को हुई पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में शिक्षा, रोजगार, प्रशासनिक सुधार, ग्रामीण विकास, पर्यावरण और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्रिमंडल ने निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगाने, लंबे समय से कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को राहत देने, तीन नए डिजिटल विश्वविद्यालय स्थापित करने सहित अनेक जनहितैषी प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की।
बैठक में गैर-सहायता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थानों द्वारा फीस में अनियमित और मनमानी बढ़ोतरी पर रोक लगाने के लिए ‘पंजाब गैर-सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों की फीस विनियमन (संशोधन) विधेयक-2026’ को मंजूरी दी गई। सरकार का मानना है कि इस कदम से विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर पड़ने वाला अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम होगा तथा फीस निर्धारण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
मंत्रिमंडल ने लगातार पांच वर्ष की सेवा पूरी कर चुके पात्र आउटसोर्स कर्मचारियों तथा जोखिमपूर्ण श्रेणियों में तीन वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को संविदा सेवा में शामिल करने के लिए ‘पंजाब राज्य आउटसोर्स कर्मचारियों का संविदा सेवा में परिवर्तन विधेयक-2026’ को भी स्वीकृति प्रदान की। सरकार के अनुसार इससे हजारों कर्मचारियों को अधिक स्थिर सेवा व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य के 582 पशु चिकित्सा अस्पतालों में कार्यरत 449 पशु चिकित्सा फार्मासिस्टों और 451 सफाई सेवकों की सेवाओं को 31 मार्च 2027 तक एक वर्ष के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
ग्रामीण विकास को गति देने के लिए अमृतसर जिले के जंडियाला गुरु ब्लॉक से 64 ग्राम पंचायतों को अलग कर नया तरसिक्का ब्लॉक बनाने की मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि इससे क्षेत्र के विकास कार्यों में तेजी आएगी और प्रशासनिक सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध हो सकेंगी।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी मंत्रिमंडल ने बड़ा फैसला लेते हुए ‘पंजाब निजी डिजिटल ओपन विश्वविद्यालय नीति-2026’ के तहत तीन नई डिजिटल विश्वविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी दी। ये विश्वविद्यालय होशियारपुर और पटियाला जिलों में स्थापित किए जाएंगे, जिनसे आधुनिक तकनीक आधारित उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बैठक में लोक निर्माण विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए ड्राफ्ट्समैन (सिविल) के 19 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती करने की स्वीकृति भी दी गई, ताकि विकास परियोजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके।
हरित क्षेत्र का विस्तार और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल ने ‘पंजाब वृक्ष संरक्षण विधेयक-2026’ को भी मंजूरी दी। सरकार ने वर्ष 2030 तक राज्य में वन एवं वृक्ष क्षेत्र का दायरा बढ़ाने के लक्ष्य को दोहराते हुए इस कानून को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
इसके अलावा व्यापार एवं उद्योग को राहत देने के लिए पंजाब वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2026 में संशोधन को मंजूरी दी गई। संशोधनों का उद्देश्य कर अनुपालन को सरल बनाना, व्यापारिक प्रक्रियाओं को सुगम करना और निर्यात को प्रोत्साहन देना है।
ग्रामीण प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मंत्रिमंडल ने पंजाब पंचायती राज अधिनियम-1994 में संशोधन को भी स्वीकृति दी। इसके तहत पंचायत सचिव और ग्राम सेवक के कैडरों का विलय कर नया पंचायत विकास सचिव कैडर बनाया जाएगा, जिससे ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर समन्वय और प्रशासनिक दक्षता सुनिश्चित की जा सकेगी।