दैनिक खबरनामा 18 अप्रैल 2026 अभियोजन पक्ष ने अदालत में दायर अपील में कहा है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्य, विशेषकर पीड़िता का धारा 164 CrPC के तहत दर्ज बयान और कोर्ट में दी गई गवाही, आरोपी के खिलाफ गंभीर और स्पष्ट आरोप स्थापित करते हैं। प्रॉसक्यूटर के अनुसार, यह मामला केवल छेड़छाड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें रेप की कोशिश के स्पष्ट संकेत मिलते हैं।अभियोजन ने दलील दी कि चार्जशीट में अब तक धारा 376/511 (रेप की कोशिश) को शामिल न करना एक गंभीर कानूनी चूक है। इस त्रुटि को सुधारना जरूरी है ताकि आरोपी पर अपराध की वास्तविक गंभीरता के अनुरूप मुकदमा चल सके और न्याय सुनिश्चित हो।इसके साथ ही अदालत से यह भी अनुरोध किया गया है कि चूंकि यह धारा गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है, इसलिए मामले को CrPC की धारा 323 के तहत सेशन कोर्ट में ट्रायल के लिए भेजा जाए। सेशन कोर्ट में सुनवाई होने पर केस की गंभीरता के अनुसार कड़ी सजा की संभावना बढ़ जाती है।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यदि अदालत अभियोजन की इस मांग को स्वीकार कर लेती है, तो आरोपी के खिलाफ चल रहे मुकदमे की दिशा बदल सकती है। इससे न केवल आरोपों की प्रकृति अधिक गंभीर हो जाएगी, बल्कि पीड़िता को न्याय दिलाने की प्रक्रिया भी मजबूत होगी।